Mustafa Al-Darwish: 26 वर्षीय सऊदी अरबिया युवक को मौत की सजा, 17 साल की उम्र में की थी गलती

JBT Staff
JBT Staff June 16, 2021
Updated 2021/06/16 at 8:13 PM

Mustafa Al-Darwish: सऊदी अरब का कानून कितना कड़क है पूरी दुनिया जानती है लेकिन 26 वर्षीय युवक को उसकी जिस गलती के लिए मौत की सजा मिल रही है उसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे.

सऊदी अरब के इस युवक का नाम मुस्तफा अल-दारविश (Mustafa Al-Darwish) बताया जा रहा है जिसने नाबालिग रहते सरकार के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने की गुस्ताखी की थी, परिवार का सवाल है कैसे एक लड़के को उसके फोन में कोई फोटो होने के आधार पर मुजरिम करार दिया गया, और अब सजा-ए-मौत ने तो पूरी दुनिया को ही सकते में डाल दिया.

सऊदी अरब (Saudi Arabia) के कतर से टीवी चैनल अल जजीरा न्यूज के मुताबिक रेप्रीव का बयान था कि दारविश को सजा-ए-मौत सऊदी अरब के दावों को झूठा साबित करता है बचपन के जुर्मों पर संजा दी जाएगी, रेप्रीव संगठन ने इस फैसले का विरोध किया है.

भारत की तरह ही सऊदी अरब में कानून है कि नाबालिगों को सजा देने के बजाय बाल सुधार गृह में भेजा जाएगा, पिछले साल ही सऊदी सरकार ने फैसला लिया था कि नाबालिगों को बाल सुधार गृह में 10 साल की हिरासत में लिया जाएगा.

वहीं मुस्तफा अल-दारविश के केस में मानवाधिकार संगठन ने कहा उसके खिलाफ आरोपों को लेकर कागजात पेश तो किए गए हैं लेकिन उनमें साफतौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं है, जैसे दिन व महीने का जिक्र नहीं किया गया है, उसके खिलाफ सबूत के तौर पर सिर्फ एक तस्वीर पेश की गई है.

वहीं 2012 के इस केस की बात की जाए तो उस वक्त मुस्तफा अल-दारविश की उम्र सिर्फ 17 वर्ष की थी, इस हिसाब से वह उस वक्त नाबालिग था, सजा की बात आएगी तो उसे एक नाबालिग की तरह ट्रीट किया जाना चाहिए.

Share this Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.