इस घरेलू पारी ने बदली मयंक अग्रवाल की किस्मत और दिलाई टीम इंडिया में एंट्री

Umesh
Umesh December 26, 2018
Updated 2018/12/26 at 1:31 PM

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में भारतीय ओपनर मयंक अग्रवाल ने अपने टेस्ट डेब्यू में 76 रन की पारी खेलकर सबका दिल जीत लिया है. आज हम आपको इस टैलेंटेड बल्लेबाज की उस घरेलू पारी के बारे में बता रहे हैं, जिसकी वजह से इसकी टेस्ट क्रिकेट में एंट्री हुई.

कहते है एक खिलाड़ी का घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन उसे एक दिन कामयाबी की ऊंचाइयों के साथ भारतीय टीम में एंट्री दिला ही देता है. ऐसा ही एक नाम मयंक अग्रवाल का है. घरेलू क्रिकेट में पिछले कुछ समय से शानदार प्रदर्शन करने वाले मयंक अग्रवाल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में डेब्यू करने का मौका मिला.

पहले मैच में किया कमाल

ऑस्ट्रेलिया धरती पर किसी भी खिलाड़ी के लिए टेस्ट डेब्यू करना आसान नहीं होता. मयंक ने सिर्फ इस टेस्ट में डेब्यू ही नहीं किया बल्कि अपनी पहली टेस्ट पारी में 76 रन बनाकर सबका दिल जीत लिया है. इस 76 रन की पारी से मयंक ने साबित कर दिया कि टैलेंट ज्यादा समय तक छिप नहीं सकता.

इससे पहले मयंक अग्रवाल को विंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम में चुना गया था, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था.  राहुल और विजय की खराब फॉर्म के चलते मयंक अग्रवाल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और चौथे टेस्ट के लिए बतौर ओपनर चुना गया.

इस पारी ने बदली किस्मत

मयंक ने 2013 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलना शुरू किया था. करियर की शुरुआत में मयंक को काफी मेहनत करनी पड़ी थी. इतना ही नहीं प्रथम श्रेणी क्रिकेट में मयंक को काफी स्ट्रगल करना पड़ा. पिछले कुछ समय में उनके खेल में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है.

मयंक की शानदार फॉर्म की शुरुआत 2017 के घरेलू सीजन से हुई थी. साल 2017 में हैदराबाद के खिलाफ दोनों पारियों में शून्य बनाने के बाद ठीक अगले ही मुकाबले में महाराष्ट्र के खिलाफ मयंक अग्रवाल ने 304 की नाबाद पारी खेली. यही वो पारी थी, जिसने मयंक के करियर को बदल कर रख दिया. मयंक ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 75 पारियों में 56.40 के औसत से 4005 रन बनाए.

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