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भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे यादगार विदेशी दौरा साबित हुआ ऑस्ट्रेलिया दौरा, ये हैं 3 बड़ी वजह

हाल ही में खत्म हुआ ऑस्ट्रेलिया दौरा भारतीय टीम के लिए एक यादगार दौरा बन गया. इस दौरे पर भारत ने कोई भी सीरीज नहीं कमाई और साथ ही ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया.

एक समय ऐसा था जब भारतीय टीम के बल्लेबाजों की विदेशी तेज़ पिचों पर हालत पतली हो जाती थी. इस बात को लेकर भारतीय टीम हमेशा से ही निशाने पर रही. विदेशों में भारतीय टीम का घटिया प्रदर्शन देखकर फैन्स भी निराश हुआ करते थे. लेकिन अब वक़्त बदल चुका है. ये टीम अब तेज पिचों पर खेलने की महारत हासिल कर चुकी है.

इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका में भले ही भारत को जीत हासिल न हुई हो लेकिन इन दो देशों के दौरे ने आने वाले ऑस्ट्रेलिया दौरे की कहानी को साफ बयां कर दिया था. भारत ने पिछले साल नवंबर में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर कदम रखा. इस दौरे की शुरुआत टी-20 मैचों की सीरीज के साथ हुई.

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भारत पहला टी-20 मुकाबला हार गया. जिसके बाद एक बार फिर टीम को लेकर सवाल खड़े होने शुरू हो गए. लेकिन इस बार भारत का इरादा कुछ और था. पहले मुकाबले में हार का सामना करने वाली टीम इंडिया ने पूरे दौरे पर खेले गये 9 मैच में भारत ने 5 में जीत हासिल की वहीं 3 में हार मिली और एक मैच ड्रा रहा. इसी के साथ ये दौरा भारत के लिए सबसे यादगार विदेशी दौरा बन गया. आइए नजर डालते है उन 3 कारणों पर जिस वजह से ये दौरा यादगार रहा.

भारतीय गेंदबाजों का दमदार प्रदर्शन

टीम इंडिया के गेंदबाजो को लेकर ऐसा पहली बार देखने को मिला, जब ऑस्ट्रेलिया के साथ बाकि देशों ने भी ये माना कि ये गेंदबाजी अटैक विश्व का सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजी अटैक है. ये कहना गलत नहीं होगा कि अगर भारत, ऑस्ट्रेलिया में पहली बार कोई टेस्ट सीरीज जीत पाया है, तो उसमें गेंदबाजों का सबसे बड़ा योगदान रहा.

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बुमराह वर्ल्ड के नंबर 1 गेंदबाज बनकर उभरे हैं. शमी, इशांत, भुवी, जडेजा, अश्विन, कुलदीप और चहल उन्हें अलग-अलग फोर्मट्स में शानदार ढंग से सपोर्ट कर रहे हैं. कुल मिलाकर भारत के पास अब हर फॉर्मेट के लिए शानदार गेंदबाजी यूनिट है.

टीम एफर्ट

टीम इंडिया को लेकर हमेशा से ही यही कहा जाता है कि ये टीम सिर्फ कोहली और रोहित पर ही निर्भर रहती है लेकिन भारत ने इसे भी गलत साबित कर दिया. टेस्ट सीरीज में मयंक अग्रवाल और पंत जैसे बल्लेबाजों ने प्रभावित किया. टेस्ट सीरीज में पुजारा ने अपने करियर का बेस्ट प्रदर्शन किया. वनडे सीरीज में धोनी ने एक बार फिर साबित किया कि क्यों उन्हें बेस्ट फिनिशर कहा जाता है.

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पहली बार ऑस्ट्रेलिया में जीती वनडे और टेस्ट सीरीज

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट की सबसे बेहतरीन टीम मानी जाती है. उनके नाम सबसे ज्यादा विश्व कप जीतने का रिकॉर्ड भी है. इस टीम के खिलाफ किसी भी टीम के लिए सीरीज जीतना इतना आसान नहीं होता. भारत के लिए भी ये दौरा आसान नहीं था. भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट और वनडे जीतकर इतिहास रचा.

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