Flying Sikh: कैसे पड़ा महान मिल्खा सिंह का नाम ‘फ्लाइंग सिख’, पाकिस्तान से था खास नाता

JBT Staff
JBT Staff June 20, 2021
Updated 2021/06/20 at 9:15 AM

Flying Sikh: देश व दुनिया में फ्लाइंग सिख के नाम से जाने जाते हैं स्वर्गीय मिल्खा सिंह, 91 वर्षीय ऐतिहासिक स्पोर्ट्सपर्सन ने बीते शुक्रवार को सभी की आंखें नम कर दी. ऐसा कम ही होता है कि किसी धावक को एक चर्चित उपनाम भी मिला हो, जानते हैं क्या कनेक्शन है फ्लाइंग सिख व लीजेंडरी मिल्खा सिंह का.

पद्मश्री मिल्खा सिंह (Milkha Singh) की अनूठी प्रतिभा के लिए उन्हें फ्लाइंग सिख के नाम से जाना जाता है, इस नाम के साथ ही उनके जन्म का भी पाकिस्तान से गहरा नाता है. 20 नवंबर 1929, उनका जन्म ब्रिटिश इंडिया में पंजाब प्रांत के गोविंदपुर में हुआ था जो आज पाकिस्तान के मुजफ्फरगढ़ जिले में पड़ता है.

मिल्खा सिंह की बायोपिक ‘भाग मिल्खा भाग’ फरहान अख्तर के करियर की सबसे बड़ी फिल्म साबित हुई थी, यह उनके करियर की एकमात्र फिल्म है जो इंडियन बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ में शामिल हुई. इस फिल्म में उनके सभी दिलचस्प किस्सों को दिखाया गया है.

साल 1960 का दौर था जब पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयुब खान ने उनकी दौड़ने की अनूठी प्रतिभा की वजह से उन्हें उड़न सिख या फ्लाइंग सिख की उपाधि दी. 1960 के ओलंपिक खेलों में उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ा था, 400 मीटर की रेस में वह टॉप 3 से भी बाहर चौथे पर रहे थे. वह उस खिलाड़ी से हारे थे जिससे 2 साल पहले एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था.

हार से निराश होकर बंटवारे के वक्त उन्होंने पाकिस्तान में इंटरनेशनल एथलीट प्रतियोगिता में भाग लेने से इंकार कर दिया था, बंटवारे के वक्त परिवार बिखरने से भी वह नाराज चल रहे थे. लेकिन बाद में उन्हें जब पाकिस्तानी राष्ट्रपति द्वारा उन्हें उपनाम मिला तो उन्होंने उसे स्वीकार किया. तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु ने उन्हें समझाया था कि पड़ोसी मुल्क से मित्रतापूर्ण संबंध बनाने के लिए उन्हें भाग लेना जरुरी है क्योंकि वह देश के स्टार एथलीट हैं.

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