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Birthday Special: 3 ऐसे मौके, जब कपिल देव ने पूरे भारत का सर गर्व से ऊँचा कर दिया

Kapil Dev holding World Cup 1983 Trophy

भारत को पहला वर्ल्ड कप दिलाने वाले कपिल देव आज 60 साल के हो गए हो गए हैं. कपिल का नाम क्रिकेट इतिहास के सबसे शानदार ऑल राउंडर्स में लिया जाता है.

1983 का क्रिकेट वर्ल्ड कप तो आप लोगों को याद ही होगा. 1983 का क्रिकेट विश्व कप जीतकर भारत ने पूरे क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी थी. उस समय भारतीय टीम के कप्तान कपिल देव थे. जिनका आज जन्मदिन है. कपिल देव आज 60 साल के हो गए हैं. आज भी जब विश्व के सबसे बेहतरीन ऑल राउंडर्स का नाम लिया जाता है, तो कपिल देव उस सूची में सबसे ऊपर रहते है.

कपिल देव ने अपने खेल से करोड़ों क्रिकेटप्रेमियों को अपना दीवाना बनाया. उनसे जुड़े किस्से तो बहुत से है लेकिन हम उनके जन्मदिन के पर ऐसे तीन मौकों की बात करते हैं, जब देश को उनपर गर्व हुआ.

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ज़िम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी

साल 1983 के विश्वकप में 20वें मैच में भारत का मुकाबला ज़िम्बाब्वे से था. उस मैच में भारत ने 5 विकेट महज 17 रनों पर ही गंवा दिए थे. ऐसे में कप्तान कपिल देव ने मोर्चा संभाला और 138 गेंदों पर 175 रनों की धुआंधार पारी खेलकर भारत को विश्व कप सेमीफाइनल का टिकेट दिला दिया. अफ़सोस की बात ये है कि इस शानदार पारी को आप देख नहीं सकते क्योंकि उस दिन बीबीसी की हड़ताल थी.

पाकिस्तान के खिलाफ घातक गेंदबाजी

कपिल देव ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पदार्पण 1978 में किया, जब भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर गई थी. ये मैच पाकिस्तान के फैसलाबाद में खेला जा रहा था. उस समय कपिल देव की उम्र केवल 19 साल की ही थी. इतनी कम उम्र में भी उन्होनें 145 की रफ्तार से गेंदबाजी की थी.

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कपिल देव की गेंदबाजी को देखते हुए पाक बल्लेबाज इतना घबरा गए थे कि उन्हें हेल्मेट मंगवाना पड़ गया था. ये वहीं समय था, जब पाकिस्तान के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने बिना हेल्मेट के खेलते थे.

1983 विश्व कप फाइनल

भारत का 1983 में विश्व कप का फाइनल उसी वेस्टइंडीज के साथ था, जिसके सामने कोई भी टीम खेलने से डरती थी. फाइनल में भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता मिला. भारतीय टीम मजबूत कैरेबियाई पेस अटैक के सामने महज 183 रनों पर ढेर हो गई. लेकिन इसके बाद भी भारतीय गेंदबाजी के आगे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए और भारत ये मैच 43 रनों से जीत गया.

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एक अंडरडॉग टीम की तरह वर्ल्ड कप 1983 के अभियान की शुरुआत करने वाली भारतीय टीम ने खिताब जीतकर पूरे क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी थी. विश्व कप से पहले किसी ने सोचा भी नहीं था कि भारत सेमीफाइनल तक भी पहुँच पाएगा. भारत को वर्ल्ड कप दिलाने में कपिल का बड़ा योगदान था.

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