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7 बार एशिया कप जीत चुका भारत फाइनल में कब और किस टीम से भिड़ा ?

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भारत 10 बार एशिया कप का फाइनल खेल चुका है. भारत और बांग्लादेश के बीच दो बार एशिया कप फाइनल हो चुका है जिसमें दोनों बार भारत ही जीता है. 2018 से पहले दोनों टीमें 2016 के एशिया कप फाइनल में भिड़ी थी, जिसमें भारत ने बांग्लादेश को रोमांचक मुकाबले में हराकर एशिया कप का खिताब पाने नाम किया था.

भारत हमेशा से ही एशिया कप की प्रबल दावेदार रही है. अब तक 14 बार एशिया कप का आयोजन हो चुका है. भारत 7 बार इस टूर्नामेंट का चैंपियन बन चुका है. आईए नजर डालते हैं कि भारत ने कब और किस टीम के खिलाफ एशिया कप का फाइनल खेला और जीता है.

1984 (पहला एशिया कप)

यह एशिया कप का पहला संस्करण था. इसमें भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान ने हिस्सा लिया था. इस टूर्नामेंट में हर टीम ने दो मैच खेले. दो जीत के साथ भारत ने यह कप अपने नाम कर लिया था.

1988 (श्रीलंका को हराया)

साल 1988 में एशिया कप चार देशों के बीच खेला गया था. भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के पास एशिया पर कब्जा करने का मौका था. फाइनल में भारत ने श्रीलंका को मात देकर ये खिताब जीता. इस जीत में नवजोत सिंह सिद्धू के 76 और दिलीप वेंगसरकर के नाबाद 50 रन की पारी ने अहम भूमिका निभाई थी.

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साल 1991 (श्रीलंका को हराया)

एशिया कप में एक बार फिर आमने-सामने आई भारत और श्रीलंका के बीच हुआ ये मुकाबला भारत ने जीता था और एक बार फिर एशिया कप के फाइनल को अपने नाम किया. कपिल देव की शानदार गेंदबाजी के आगे श्रीलंका की टीम भारत के सामने 204 रन ही बना पाई थी. जिसके बाद भारत ने 7 विकेट से मुकाबला जीत कर एशिया कप का खिताब अपने नाम किया.

साल 1995 (श्रीलंका को हराया)

भारतीय टीम के सामने एक और फाइनल में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जीत का लक्ष्य रखा था. भारत को 231 रन बनाने थे, जिसे कप्तान अजहर ने 90 रन की ताबड़तोड़ पारी खेल आसानी से 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया. इसके अलावा नवजोत सिंह सिद्धू ने इस मैच में नाबाद 84 रन की पारी खेली थी.

साल 1997 (श्रीलंका से हारा)

एशिया की दो सबसे मजबूत टीमें भारत और श्रींलका एक बार फिर आमने-सामने थी. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अजहरुद्दीन के 81 और सचिन तेंदुलकर के 53 रन की बदौलत श्रीलंका के सामने 240 रन का लक्ष्य रखा था लेकिन दमदार बल्लेबाजी के दम पर श्रीलंका ने 8 विकेट से मुकाबला जीत खिताब अपने नाम कर लिया.

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साल 2004 (श्रीलंका से हारा)

हांगकांग और यूएई को पहली बार एशिया कप में खेलने का मौका मिला. भारत ने बांग्लादेश और श्रीलंका को सुपर 4 में हराकर फाइनल में जगह बनाई. इसके बाद एक बार फिर फाइल श्रीलंका और भारत के बीच हुआ, जिसमें सचिन तेंदुलकर ने शानदार 74 रन की पारी खेली लेकिन टीम इंडिया को 25 रन से हार का सामना करना पड़ा.

साल 2008 (श्रीलंका से हारा)

एक और एशिया का फाइनल और फिर दो मजबूत टीमें आमने-सामने थी. इस मैच में लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की टीम के वीरेंद्र सहवाग ने 36 गेंद पर 60 रन की आतिशी पारी और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 49 रन की पारी के अलावा कोई बल्लेबाज मैदान पर नहीं टिक पाया. जिस वजह से भारतीय टीम 173 पर सिमट गई और एक बार फिर एशिया कप का फाइनल श्रीलंका के हाथों गंवाना पड़ा.

साल 2010 (श्रीलंका को हराया)

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने दिनेश कार्तिक के (66) और रोहित शर्मा (41) रन की बदौलत श्रीलंका को 268 रनों का लक्ष्य दिया. इसके बाद आशीष नेहरा की धारदार गेंदबाजी के आगे श्रीलंका की टीम 187 रन पर ही ढेर हो गई और भारत ने इस बार एशिया कप का फाइनल अपने नाम किया.

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साल 2016 (बांग्लादेश को हराया)

पहली बार 2016 में एशिया कप 20 ओवरों का कर दिया गया. ऐसे में भारत का फाइनल में प्रवेश करना लाजमी था. टी-20 फॉर्मेट में खेले गए टूर्नामेंट में भारत ने बांग्लादेश को 8 विकेट से हराते हुए खिताब अपने नाम किया था. इस जीत को हमेशा से कप्तान धोनी द्वारा आखिरी गेंद पर छक्के के साथ मैच खत्म किए जाने के लिए याद किया जाता है.

साल 2018 (बांग्लादेश को हराया)

2016 की तरह 2018 में भी फ़ाइनल मैच में भारत और बांग्लादेश की भिड़ंत हुई. बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 48.3 ओवर में 222 रन बनाए और भारत ने 50वें ओवर की अंतिम गेंद पर एक रन के साथ इस मैच को (223-7) बनाकर अपने नाम कर दिया था. मैन ऑफ द सिरीज शिखर धवन रहे. अधिक जानकारी के लिए -> 2018 एशिया कप के टॉप प्लेअर की पूरी डिटेल देखें.

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