टेस्ट क्रिकेट के वो 5 रिकॉर्ड, जिन्हें तोड़ना लगभग नामुनकिन है

Umesh
Umesh December 3, 2018
Updated 2018/12/03 at 11:36 AM

क्रिकेट के खेल में रिकार्ड्स तोड़ने के लिए ही बनते हैं. लेकिन कुछ रिकार्ड्स ऐसे होते हैं, जिन्हें तोड़ना लगभग नामुनकिन होता है. आज हम आपको टेस्ट क्रिकेट के ऐसे ही कुछ रिकार्ड्स के बारे में बता रहे हैं.

कहते है रिकॉर्ड्स टूटने के लिए ही बनते है. क्रिकेट के खेल में हर दिन कुछ नए रिकॉर्ड्स बनते है और कुछ ही दिनों बाद ये रिकॉर्ड्स टूट भी जाते है. ये कहना गलत नहीं होगा की आज इस खेल में जिन खिलाड़ियो को सालों बाद भी याद किया जाता है, तो वो सिर्फ इन रिकार्ड्स की वजह से.

भले ही आज के समय में कई पुराने रिकार्ड्स को आसानी से तोड़ा जा रहा हो लेकिन कुछ रिकार्ड्स ऐसे बन पड़े हैं, जिन्हें तोड़ना आने वाले समय में लगभग नामुनकिन होगा. आज हम आपको टेस्ट क्रिकेट के कुछ ऐसे ही रिकार्ड्स के बारे में बता रहे हैं.

जयवर्धने और संगाकारा के बीच 624 रनों की साझेदारी

टी-20 क्रिकेट के आने के बाद टेस्ट क्रिकेट काफी तेज हो गया है. अब टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ी सब्र से नहीं खेलते हैं. एक तरफ जहाँ अब 624 रन पूरी टीम मुश्किल से बना पाती है, तो वहीं 2006 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ श्रीलंका के जयवर्धने और संगाकारा ने तीसरे विकेट के लिए 624 रनो की साझेदारी की थी. इस रिकॉर्ड को तोड़ना आज से समय में आसान नहीं है.

बतौर खिलाड़ी पोंटिंग की 108 जीत

किसी भी खिलाड़ी के लिए 100 टेस्ट मैच खेलना काफी बड़ी बात होती है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ने बतौर खिलाड़ी 108 टेस्ट मैच जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम किया हुआ है. पोंटिंग का ये रिकॉर्ड तोड़ पाना भी एक तरह से नामुमकिन ही है.

मुरलीधरन की 800 टेस्ट विकेट

आजकल गेंदबाज अपनी फिटनेस मेंटेन नहीं कर पाते. यही वजह है आज की पीड़ी के किसी भी गेंदबाज के लिए 100 टेस्ट खेलना लगभग नामुनकिन है. ऐसे में टेस्ट क्रिकेट में अब किसी गेंदबाज का 500 विकेट लेना बहुत मुश्किल है. इसलिए ऐसा माना जाता है कि श्रीलंका के सबसे दिग्गज ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन का 800 टेस्ट विकेट का रिकॉर्ड तब तक जीवित रहेगा, जब तक टेस्ट क्रिकेट जिंदा है.

बतौर खिलाड़ी सचिन खेल चुके है 200 टेस्ट

विश्व के महान बल्लेबाज सचिन ने 24 सालों तक क्रिकेट खेली. इन 24 सालों में सचिन ने 200 टेस्ट मैच खेले. सचिन का ये रिकॉर्ड तोड़ना मुश्किल है क्योंकि अब किसी खिलाड़ी की फिटनेस उसका 15 साल से ज्यादा साथ ही नहीं देती. इसलिए शायद ही कोई खिलाड़ी सचिन की तरह 200 टेस्ट मैच खेल पाए.

डॉन ब्रैडमैन की टेस्ट में 99.94 की एवरेज

भले ही आज टी-20 क्रिकेट के आने से बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट में भी तेज़ खेलने लगे हो लेकिन डॉन ब्रैडमैन की टेस्ट क्रिकेट में 99.94 की औसत के रिकॉर्ड को तोड़ना आज भी नामुनकिन है.

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