इन 3 भारतीय खिलाड़ियों ने 2011 विश्व कप जीत में निभाई थी अहम भूमिका, 2019 में नहीं होंगे टीम का हिस्सा

JBT Staff
JBT Staff February 13, 2019
Updated 2019/02/13 at 1:20 PM

World Cup 2011 Heroes: अपने इस स्पेशल फीचर में हम आपको उन तीन भारतीय खिलाडियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होनें 2011 विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन इस वर्ल्ड कप टीम में खराब फॉर्म की वजह से टीम में नहीं हैं.

विश्व कप का आयोजन इस साल इंग्लैंड और वेल्स में होना है. जहां की कंडीशन हमेशा से ही भारतीय टीम के खिलाफ रही है. लेकिन बावजूद भारतीय टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. जिसका सबसे बड़ा कारण है भारतीय टीम की मौजूदा फॉर्म.

इस समय टीम इंडिया ठीक वैसा प्रदर्शन दोहरा रही है जैसा उन्होंने 2011 विश्व कप से पहले दोहराया था. टीम इंडिया ने 28 साल बाद 2011 का विश्व कप अपने नाम किया था.

उस टूर्नामेंट में कई खिलाड़ी ऐसे थे, जिन्होंने भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन आज यही खिलाड़ी 2019 विश्व कप टीम में एंट्री पाने को तरस रहे है.

युवराज सिंह

अगर युवराज सिंह 2011 में भारतीय टीम का हिस्सा ना होते तो भारत शायद ही विश्व विजेता बन पाता. युवी ने 2011 वर्ल्ड कप में 90.50 के शानदार औसत से 362 रन बनाए.

जिसमे इस खिलाड़ी का सर्वाधिक स्कोर 113 रन था. गेंदबाजी में भी युवी ने कमाल दिखाया और 15 विकेट अपने नाम किये.

इस प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट से भी सम्मानित किया गया था. लेकिन अब युवराज का 2019 विश्व कप की टीम में शामिल होने का सपना टूटता दिखाई दे रहा है.

रविचंद्रन अश्विन

एक समय ऐसा था जब भारत अश्विन के बिना मैदान पर उतरने के बारे में कभी सोचता भी नहीं था. लेकिन अब कुलदीप और चहल की जोड़ी ने अश्विन के अनुभव को फीका साबित कर दिया है.

2011 विश्व कप की बात करें, तो अश्विन ने क्वार्टरफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में 2 अहम विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई थी. ऐसे ही अहम मुकाबलों में भारत के लिए तुरुप का इक्का साबित हुए अश्विन का 2019 विश्व कप में खेलना नामुनकिन सा ही लग रहा है.

हरभजन सिंह

भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल स्पिन गेंदबाज़ हरभजन सिंह अब शायद ही कभी टीम इंडिया में वापसी कर पाए. लेकिन 2011 विश्व कप में हरभजन टीम के प्रमुख गेंदबाज थे. उन्होंने 9 मैच में भले ही 9 विकेट लिए.

लेकिन उनकी इकोनोमी 5 से भी कम थी. जिसका फायदा भारतीय टीम को मिला था.

Share this Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.