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सुषमा स्वराज का 67 वर्ष की उम्र में निधन, 7 बार सदन, दिल्ली सीएम से लेकर विदेश मंत्री तक का सफर

Sushma Swraj Dies at 67: भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार रात को दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली, रात 9:30 बजे के आसपास उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने से हॉस्पिटल ले जाया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गयी.

भारतीय राजनीति के इतिहास के पन्नों में सुषमा स्वराज का नाम भी स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा क्योंकि उनके करियर पर नजर मारेंगे तो यह अविश्वसनीय है.

हरियाणा के सबसे कम उम्र की सांसद, दिल्ली की पहली महिला सीएम बनने से लेकर विदेश मंत्री बनने तक का सफर उन्होंने तय किया था.

सुषमा स्वराज का जीवन परिचय

14 फरवरी 1952 में जन्मी यह बड़ी शख्सियत 6 अगस्त 2019 की तारीख को दुनिया को अलविदा कह गयी. जीवन के अंतिम क्षण से जुड़े इत्तेफाक से हर कोई हैरान है, मौत से 3 घंटे पहले वह ट्विट कर धारा 370 हटने की खुशी जाहिर करती हैं.

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जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 व 35ए को हटाने को लेकर पीएम मोदी और अमित शाह का शुक्रिया अदा करते हुए वह ट्विट में कहती हैं, ‘मैं अपने जीवन में इसी दिन की प्रतीक्षा कर रही थी’.

उनका जन्म हरियाणा (तत्कालीन पंजाब) में हरदेव शर्मा और लक्ष्मी देवी से हुआ था, हरियाणा में सबसे कम उम्र की सांसद, दिल्ली की पहली महिला सीएम, किसी पोलिटिकल पार्टी का पहली महिला प्रवक्ता बनने के अलावा कई बड़ी उपलब्धियां उनके नाम हैं.

सुषमा स्वराज की शिक्षा

बचपन से ही वह बहुत ब्राइट स्टूडेंट थी, सनातन धर्म कॉलेज से पोलिटिकल साइंस व संस्कृत में उन्होंने ग्रेजुएशन किया था, इस दौरान वह लगातार 3 साल NCC की सर्वश्रेष्ठ कैडेट व राज्य की श्रेष्ठ वक्ता रही थी, 1970 में उन्हें इस कॉलेज से सर्वश्रेठ छात्रा के सम्मान से नवाजा गया था.

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1973 में उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी में सर्वश्रेठ वक्ता का सम्मान मिला और इसी साल वह भारतीय सर्वोच्च न्यायलय में अधिवक्ता के पद पर कार्यरत हुई.

23 की उम्र किया था विवाह सुषमा स्वराज

सुषमा स्वराज व उनके सहकर्मी अधिवक्ता स्वराज कौशल 13 जुलाई 1975, 23 साल की उम्र में परिणय सूत्र में बंधे.

सुषमा स्वराज का राजनीतिक करियर

1977 में हरियाणा विधानसभा सदस्य बनीं, इस कार्यकाल के दौरान वह सरकार में शुरू के 2 साल श्रम व रोजगार मंत्री भी रही, ऐसी जबरदस्त शुरुवात के बाद वह 1990-96 में राज्य सभा सदस्य चुनी गयी, 1996-97 वह लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुई.

1998 में छोटे से समयकाल के लिए ही सही वह दिल्ली की पहली महिला सीएम बनी, 13 अक्टूबर से 3 दिसम्बर के लिए उनका कार्यकाल रहा था.

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3 बार राज्यसभा व 4 बार लोकसभा सदस्य रहने के दौरान उन्होंने और भी बड़े रोल अदा किये. 26 मई 2014 में 16वीं लोकसभा की सदस्य तो बनी ही, साथ ही उन्हें केन्द्रीय मंत्रीमण्डल में विदेश मंत्री बनाया गया.

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