Bihar Election 2020: रितलाल यादव पर दर्ज हैं 33 केस, जीत से पति की मौत का बदला लेंगी BJP उम्मीदवार

JBT Staff
JBT Staff October 15, 2020
Updated 2020/10/15 at 12:10 PM

Bihar Election 2020: यूपी बिहार में चुनाव चल रहे हों तो नामी गैंगस्टर की एंट्री तो मानो तय है, इसी तरह दानापुर सीट की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जनता दल ने किसी और को नहीं बल्कि गैंगस्टर से पॉलिटिशियन बने रितलाल यादव को दी है.

28 अक्टूबर को बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) का पहला चरण है, चुनावी बहस की बात की जाए तो 2 महीने पहले से ही रोमांच शुरू हो गया था. पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे को बुरी तरह गच्चा खाना पड़ा, बिहार की जनता की सेवा के लिए पिछले एक दशक से आतुर पांडे को जेडीयू ने पार्टी में शामिल तो किया लेकिन बक्सर विधानसभा सीट (Buxar) से नाम ही गायब कर दिया.

वहीं पांडेय ने भी शुभचिंतकों के नाम संदेश लिखकर कन्फर्म कर दिया है कि वह इस बार भी चुनावी मैदान में नहीं उतर रहे हैं. अब बात करते हैं दानापुर विधानसभा सीट के उम्मीदवार आशा देवी सिन्हा व रितलाल के बीच की टक्कर की, इस सीट पर लड़ाई बेहद जज्बाती है, 2015 में नामी बाहुबली रीतलाल निर्विरोध जीत तो गए थे लेकिन इस बार आशा सिन्हा साल 2003 का बदला भी लेंगी.

गैंगस्टर को RJD की तरफ से टिकट मिलने के बाद आशा देवी से इसपर आपत्ति जताई है, बता दें आज से 17 साल पहले दानापुर विधायक सत्यनारायण की हत्या की गई थी जिसका आरोप रितलाल यादव पर लगाया गया. 33 आपराधिक मामलों में आरोपित रितलाल आज आम जिंदगी जी रहे हैं. यहीं कारण है कि आशा देवी सिन्हा ने CM फेस माने जा रहे तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि रितलाल जैसों को टिकट देकर ये किस तरह का बदलाव प्रदेश में लाना चाह रहे हैं.

इससे पहले रितलाल 2010 में आशा देवी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं, उन्हें जीत हांसिल नहीं हुई थी हालांकि उस वक्त रितलाल इंडिपेंडेंट कैंडीडेट के तौर पर चुनाव लड़े थे, सत्यनारायण हत्या केस में जेल भी काट चुके हैं रितलाल.

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