Mamata vs CBI: अपने चहेते ऑफिसर के बचाव के लिए ममता बनर्जी ने चले बड़े दाव

JBT Staff
JBT Staff February 5, 2019
Updated 2019/02/05 at 4:31 PM

Mamata vs CBI: 2013 के सारदा चिटफंड मामले में गड़बड़ी के आरोपी कोलकाता पुलिस कमीशनर राजीव कुमार सीबीआई के लिए उस समय सर दर्द बन गये जब उनके बचाव में सीएम साहिबा ममता बनर्जी खुद धरने पर बैठी और विपक्ष को खूब खरी खोटी सुनाई.

ममता बनर्जी का कहना है कि उनकी पार्टी के तमाम नेता जेल गये हैं लेकिन उन्होंने कभी इतना बड़ा कदम नहीं उठाया लेकिन इस बार उनका सड़क पर आना तब हुआ जब सीबीआई ने कोलकाता पुलिस कमिशनर राजीव को वारंट व दस्तावेज के बिना पूछताछ के लिए घेरे में ले लिया.

40 सीबीआई मेम्बर जब आईपीएस ऑफिसर राजुव कुमार के घर पहुंचे तो साहब का पारा चढ़ गया, सीबीआई को कोआपरेट करने के बजाय वह मारपीट पर उतर आये.

जब ममता दीदी उनके सपोर्ट में आई तो सियासत का बाजार बहुत गर्म हो पड़ा, लेकिन ममता चुप नहीं बैठी. लोकसभा में प्रधानमंत्री से लेकर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ, बीजेपी नेशनल जनरल सेक्रेटरी कैलाश विजयवर्गीय ने ममता के खिलाफ बोला.

अनन्तः सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को हिदायत दी कि वे राजीव कुमार से पूछताछ कर सकते हैं लेकिन उन्हें अरेस्ट नहीं कर सकते हैं. इस नतीजे के बाद खुशी जाहिर करते हुए ममता बनर्जी इसे अपनी नैतिक जीत (Moral victory) बताती हैं.

ममता ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह देश गुंडों का नहीं है, यह देश जनता का है यहाँ जनता राज करती है और कोई भी इस देश का बॉस नहीं, सिर्फ जनता ही बॉस है.

सुप्रीम कोर्ट (SC) ने IPS ऑफिसर राजीव कुमार को कहा है कि वह शिलांग में सीबीआई CBI को सबूत सौंपकर चिटफंड मामले की जांच में सहयोग करें. जिसके बाद इसे ममता ने नैतिक जीत करार दिया है.

जहाँ सभी कांग्रेसी Mamata Banerjee के सपोर्ट में आये तो विरोधोयों की बयानबाजी का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. बहरहाल ममता के सपोर्ट में आने के बाद राजीव कुमार को थोड़ा राहत है.

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