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कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, मायावती के बाद अब अखिलेश ने भी बनाई पार्टी से दूरी

Rahul Gandhi and Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav says will no longer wait for Congress in MP: अखिलेश ने साफ़ कह दिया है कि वह कांग्रेस के रुख से नाराज हैं और इससे ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते..

मोदी सरकार के खिलाफ 2019 के चुनावों से पहले कांग्रेस सरकार को एक बड़ा झटका लग सकता है. पहले मायावती ने कांग्रेस से दूरी बना ली थी, जिसके बाद अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बसपा सरकार के तर्ज पर कांग्रेस से दूरी बनाने का फैसला कर लिया है. अखिलेश के इस रवैये से ये साफ हो गया है कि वो कांग्रेस के रुख से परेशान हो चुके हैं.

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अखिलेश ने इशारा दे दिया है कि बिना मायावती के बिना वह कांग्रेस के साथ महागठबंधन का हिस्सा नहीं हो सकते. अब उम्मीद की जा रही है कि यूपी में होने वाले गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया जाएगा. अगर ऐसा हुआ, तो कांग्रेस तो काफी नुकसान हो सकता है. ऐसा इसलिए क्यूंकि गठबंधन की रणनीति कांग्रेस पार्टी ने ही बनाई थी.

बता दें कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा में मनोनित सदस्यों को मिलाकर कुल 404 विधायक हैं. इसमें से सरकार के साथ 325 हैं. जिनमें से भाजपा के 312 विधायक है जबकि विपक्ष में सपा के 48, बसपा के 19 और कांग्रेस के 7 विधायक है. इन आंकड़ो को देखते हुए शायद अब सपा भी इस बात को समझ गई है कि कांग्रेस की इस समय क्या हालत है.

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यही कारण है कि सपा अब कांग्रेस के लिए बसपा को नाराज नहीं करना चाहती. गौरतलब है कि भाजपा को टक्कर देने के लिए ही सभी पार्टियां एक साथ गठबंघन करने के लिए तैयार हुई थी.

पिछले दिनों कांग्रेस द्वारा बुलाये गए भारत बंद को बसपा ने समर्थन देने से इंकार कर दिया था. तब कांग्रेस, बसपा के इस इशारे को समझ नहीं पाई थी. अब मायावती ने 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और आने वालो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन ना करने का फैसला कर लिया है.

बसपा के बाद अब सपा ने भी कांग्रेस के साथ न जाने का मन बनाया है. सपा और बसपा के इस फैसले के बाद कांग्रेस की तरफ से कोई भी बयान नहीं आया है. शायद कांग्रेस पार्टी भी इस बात को जानती है कि जल्दी में लिया कोई भी फैसला उनकी चुनावी रणनीति को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है. अब देखना होगा कि सपा और बसपा को मनाने के लिए कांग्रेस कौन सा राजनीतिक हथकंडा अपनाती है.

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