Uttarakhand: गर्मी से राहत के लिए नैनीताल-मसूरी जैसे हिल स्टेशन पर जाने वालों की किरकिरी, 5000 से ज्यादा गाड़ियों की वापसी

JBT Staff
JBT Staff July 13, 2021
Updated 2021/07/13 at 11:02 AM

Uttarakhand: कोरोना महामारी की तीसरी लहर अगर जल्द आती है तो पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के लिए यह घातक हो सकती है क्योंकि बड़े शहरों में लगातार तापमान बढ़ने से लोग यहां की हसीन वादियों में राहत की सांस लेने पहुंच रहे हैं, आलम यह है कि हिल स्टेशन की सड़कों पर भारी जाम देखने को मिल रहा है.

हाल ही में मसूरी के फेमस वॉटर फॉल केम्पटी फॉल की वीडियोज ने पूरे राज्य में लोगों की धड़कनें बढ़ा दी थी, शिमला और नैनीताल जैसी खूबसूरत पहाड़ियों से भी इन तस्वीरों को वायरल करते हुए लोगों ने अपील की, तीसरी वेभ को ध्यान में रखते हुए फिलहाल घरों में ही रहें, उत्तराखंड में चिकित्सा व्यवस्था इतनी अच्छी नहीं कि दूसरी लहर जैसी हालात से लड़ना आसान हो.

नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रदेश के लोगों ने गुजारिश की और कहा कि पहाड़ों में शैलानियों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है, जल्द इसके लिए सख्ती पेश की जाए. धामी सरकार ने चिंताजनक तस्वीरों को ध्यान में रखते हुए नैनीताल व मसूरी की तरफ घूमने फिरने आने वालों की गाड़ियों की सही से छानबीन की और फिर कोरोना रिपोर्ट, गाड़ी के कागज व होटल रिजर्वेशन आदि के बेस पर पांच हजार से ज्यादा गाड़ियों का रुख बदल डाला.

फिलहाल तो कुछ दिन प्रदेश में बारिश की भी भारी आशंका है, ऐसे में पर्यटक स्थलों पर भीड़ फंस सकती है. पर्यटकों पर कोई रोक टोक न लगाईं जाए तो इस वक्त उत्तराखंड ही सबसे फेवरेट पिकनिक स्टेट हुआ है, ऐसे में नए मुख्यमंत्री की आगुवाई में नए गाइडलाइन के मुताबिक बिना कोविड नेगेटिव रिपोर्ट व होटल रिजर्वेशन व गाड़ियों के प्रॉपर कागज के बिना यात्रा संभव नहीं.

मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग पर भी प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं, धनौल्टी, मसूरी, नैनीताल में इस वक्त पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है लेकिन अब कई लोगों को निराश वापस लौटना पड़ रहा है.

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