Umar Gautam: उमर गौतम खुद को बताता था पूर्व पीएम वीपी सिंह रिश्तेदार, फर्जी दस्तावेजों से की थी फंडिंग

JBT Staff
JBT Staff June 26, 2021
Updated 2021/06/26 at 12:58 PM

Umar Gautam: मतांतरण का खेल बड़े स्तर पर पहुंचाने के लिए मुहम्मद उमर गौतन उर्फ श्याम प्रताप सिंह गौतम ने सारी हदें पार की थी, 2 साल तक वह इस रैकेट को बुलंदी तक पहुंचाने में कामयाब भी रहा, देश विदेश के कई इस्लामिक संगठनों को भरोसे में लेकर फंडिंग का इंतजाम भी करता रहा.

उत्तर प्रदेश एटीएस ने इस रैकेट में बड़े स्तर पर काम कर रहे दो मौलानाओं मुहम्मद उमर गौतम व जहांगीर आलम को गिरफ्तार की है. देश के कई इस्लामिक संगठनों ने उन्हें छोड़ने की मांग भी की है, उनका कहना है दोनों को राजनीति के चलते फंसाया जा रहा है, आने चुनावों में मुद्दों को भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है, कुछ मीडिया वाले सरकार के साथ इसमें मिली हुई है.

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान, टर्की, व अरब के मुल्कों के इस्लामिक संगठनों में अच्छी पकड़ बनाई गई थी जहां से चंदा के रूप में पैसा आता था और फिर इसका इस्तेमाल धर्म परिवर्तन में किया जाता था. लोगों को पैसों का प्रोलोभन व तमाम स्कूल-कॉलेजों में जाकर इस्लाम के प्रति आकर्षित करने का काम किया जाता था.

हाल ही में फतेहपुर के नूरुल हुदा स्कूल की पूर्व शिक्षिका ने आरोप लगाया था कि मुहम्मद उमर और उसके साथ कई मौलानाओं की फौज स्कूल में आया करती थी और इस्लाम को प्रमोट करने का कम किया जाता था, हिंदू स्टूडेंट को उर्दू व अरबी सिखाने की कोशिश की जाती थी, शिकायत करने पर उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था.

पूर्व शिक्षिका कल्पना सिंह के आरोपों को स्कूल के प्रबंधक मौलाना उमर शरीफ द्वारा निराधार बताया गया है, उनका कहना है उमर उनके स्कूल में बतौर शिक्षाविद् पिछले 10-12 साल से आ रहे हैं, उनके साथ अन्य भी आते थे जो स्टूडेंट को शिक्षा की ओर प्रेरित किया करते थे.

उमर शरीफ ने एक चौंकाने वाला खुलासा यह किया कि मुहम्मद उमर गौतम खुद को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय वीपी सिंह का रिश्तेदार भी बताते थे, स्कूल के शैक्षणिक गोष्ठियों में आना होता था. स्कूल में 60 प्रतिशत हिंदू स्टूडेंट जबकि 80 प्रतिशत हिंदू टीचर, कल्पना सिंह के आरोपों का खंडन करते हुए स्कूल के प्रबंधक ने यह बात कही.

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