Aishwarya Suicide Case: सरकार द्वारा स्कॉलरशिप रोके जाने पर परेशान छात्रा ने की आत्महत्या, राहुल गांधी ने कसा तंज

JBT Staff
JBT Staff November 9, 2020
Updated 2020/11/09 at 12:30 PM

Aishwarya Suicide Case: तेलंगाना 12वीं बोर्ड टॉपर ऐश्वर्या ने घर की आर्थिक तंगी से बेहतर मौत को समझा, कई हद तक कोरोनाकाल में उसकी मौत का जिम्मेदार है, मार्च से अगर लॉकडाउन नहीं हुआ होता तो वह क्लास अटेंड कर मन लगाकर पढ़ाई करती और ये दिन नहीं आता.

दरअसल, जब बात ऑनलाइन पढ़ाई की आई तो उसके पास ऑनलाइन पढ़ने के लिए न तो कोई लैपटॉप था और इंटरनेट कनेक्शन. प्रतिभाशाली ऐश्वर्या (Aishwarya) खुद को गरीब घरवालों पर बोझ समझने लगी थी, और आखिरकार जो रास्ता अपनाया उससे हर किसी का दिल पसीज रहा है.

दिल्ली के लेडी श्रीराम (LSR) कॉलेज फॉर वुमन की छात्रा ऐश्वर्या को जबसे से लॉकडाउन शुरू हुआ है या कहें मार्च से अब तक स्कॉलरशिप नहीं मिली थी, जबकि बेटी की उच्च शिक्षा के लिए पिता ने घर भी गिरवी रख दिया था. मैथमेटिक्स की तेज तर्रार छात्रा सरकार की लापरवाही से आज हार गई और खुद को मौत के हवाले कर दिया.

सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है, साथ ही इसे ‘संस्थागत हत्या’ का नाम दिया जा रहा है, राहुल गांधी ने भी मोदी सरकार की आलोचना की है, उनका कहना कहना है अचानक नोटबंदी और देशबंदी ने न जाने कितने घरों को उजाड़ दिया.

स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की तरफ से मिल रही छात्रवृत्ति में देरी होने की वजह से वह लगातार तनावपूर्ण जीवन जी रही थी, अंत में 3 नवंबर को उसे अनचाहा सा कदम उठाना पड़ा. सुसाइड नोट में वह लिखती हैं ‘मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है, परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहती हूं और न ही पढ़ाई के बिना जिंदा रह पाउंगी, मैं इसके बारे में सोच ही रही थी और अब लगता है मौत ही मेरे लिए एकमात्र रास्ता है’.

राहुल गांधी सहित कई सोशल मीडिया यूजर्स ने केंद्र सरकार की आलोचना की है:

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