SC/ST Act: सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट पर सुनाया अहम फैसला, विशेष कानून अब भी जरुरी

JBT Staff
JBT Staff February 10, 2020
Updated 2020/02/10 at 5:03 PM

SC/ST Act Judgement: देश की उच्चतम न्यायालय ने आज SC/ST एक्ट के बारे पुनः फैसला सुनाकर सामान्य वर्ग के लोगों को निराश किया है, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मोदी सरकार के खिलाफ गुस्सा व्यक्त किया है व इसे अन्याय बताया है जबकि एससी (SC) ने अब भी इस कानून की जरूरत को समझाने का प्रयास किया है.

आपको बता दें अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति संशोधन अधिनियम 2018 के अनुसार जातिसूचक शब्दों का उपयोग करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद जांच होनी थी जबकि अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के लोगों ने इसपर देशभर में खूब प्रदर्शन किए, और कोर्ट में याचिकाएं दायर की.

प्रदर्शन ने ऐसा मोड़ लिया था कि कई बार भारत बंद किया गया व 14 लोगों की मौत तक हो गयी थी. आज फैसला अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के पक्ष में आया है अर्थात अब पुनः इन मामलों में तुंरत गिरफ्तारी होगी जबकि मार्च 2018 में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी और प्रारंभिक जांच तक मामला टाला जा रहा था.

अब सरकार ने दलील दी कि देश के कई हिस्सों में ससी/एसटी समाज अब भी कमजोर स्तिथि में हैं, ऐसे में विशेष कानून की जरुरत है. संशोधित कानून के जरिए एससी-एसटी (SC-ST) अत्याचार निरोधक कानून में धारा 18 ए जोड़ी गई है जिसके अनुसार FIR दर्ज करने से पहले बेसिक जांच की आवश्यकता नहीं है.

इन्वेस्टीगेशन ऑफिसर को गिरफ्तारी करने से पहले किसी से इजाजत लेने की भी आवश्यकता नहीं है. सवर्णों ने पहले भी इस कानून के लिए प्रदर्शन किया है, आज हालात फिर ऐसे ही नजर आ रहे हैं. लोग मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं.

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