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Statue of Unity: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से जुड़ी 10 रोचक बातें जो होनी चाहिए हर भारतीय को पता !

Statue of Unity: 31 अक्टूबर 2018 को भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी ने गुजरात के सरदार सरोवर बांध, केवड़िया गाँव के पास साधू बेट टापू जो नर्मदा जिले में पड़ता है, यहाँ ऐतिहासिक प्रतिमा का अनावरण किया.

जैसे कि इस प्रतिमा ने विश्व के सबसे बड़ी प्रतिमाओं में अव्वल स्थान बना लिया है तो हर तरफ इसकी चर्चा होना लाजिमी है. दुनियाभर में मशहूर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी भी इस प्रतिमा के लगभग आधी है.

ऐसे ही कई और दिलचश्प तथ्यों को जानने के लिए नीचे पढ़िए आखिर क्यूँ देश के प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊँची मूर्ति बनाने का फैसला लिया. इस प्रतिमा में आई लागत आपको हैरान कर देगी, जिस वजह से देशभर में इसके खिलाफ भी काफी लोग बोल रहे हैं.

उनका कहना है अगर इतनी रकम देश के विकास, विद्यालयों, तकनीकियों और मेडिकल में लगाई जाती तो देश के मौजूदा हालात कुछ और होते, लेकिन कुछ भी कहने से पहले सभी को इस पर विचार जरुरी करें.

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1- सरदार वल्लभभाई पटेल के 143वें जन्मदिन (31 अक्टूबर 2018) पर उनकी प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा बड़े उत्साह से साथ किया गया है.

2- 19 सितम्बर 2015 से इस प्रतिमा का निर्माण कार्य चालू हुआ था और मात्र 33 महीनों में यह बनकर तैयार हो गयी, यह भी एक रिकॉर्ड है क्यूंकि इससे पहले जो नंबर 1 प्रतिमा स्प्रिंग टेंपल के बुद्ध, चीन थी को बनने में 11 साल का वक्त लगा था, इसकी ऊंचाई 153 मीटर है.

3- मूर्ति का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) कंपनी ने किया है और उनकी ऑफिशियल हैंड्स से बताया गया है कि इसपर 2989 करोड़ या कहें लगभग 3 हजार करोड़ की रकम खर्च हुई है, बाहर से कांसे की परत के अलावा यह पूरी स्वदेशी है अर्ताथ इसका निर्माण पूरी तरह इंडिया में किया गया है.

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4- गुजरात में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर डैम से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी महज 3.5 किलोमीटर दूर स्थित है.

5- आपको बता दें की इस प्रतिमा का रिकॉर्ड आने वाले 3-4 साल में टूट जायेया, जी हाँ मजे की बात यह है कि नया रिकॉर्ड भी इंडिया से होगा. मुंबई में शिवाजी की मूर्ति का कार्य प्रगति पर है, इसके बारे में कहा जा रहा है कि ऊंचाई 190 मीटर है जिसपर लगभग 3800 करोड़ की लागत आ सकती है जिसके आस पास अस्पताल, म्यूजियम और थिएटर भी होगा.

6- बात करते हैं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की माप की पूरी ऊंचाई 522 फिट, पैर की ऊंचाई 80 फिट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे 140 फिट, चेहरा 70 फिट है और इसका वजन 17 सौ टन बताया जा रहा है.

7- देश के पद्मं भूषण और पद्म श्री सम्मानित मूर्तिकार राम वी. सुतार के देख रेख में इस मूर्ति का निर्माण हुआ है, वे ही शिवाजी की मूर्ति पर भी काम कर रहे हैं.

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8- अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग 15000 टूरिस्ट रोज इस प्रतिमा को देखने पहुंच सकते हैं, कह सकते हैं भारत को एक और मशहूर पर्यटक स्थल मिल चुका है.

9- मूर्ति के पुरे भ्रमण हेतु लिफ्ट आदि की भी सुविधा होगी, संग्रहालय भी होगा जहाँ मॉडर्न इंडिया के जनक व भारत की आजादी में अहम रोल निभाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन की कहानियों को आधुनिक तकनीकियों के द्वारा बताया जा सकता है.

10- बहरहाल विश्व में सबसे ऊँची प्रतिमा का रिकॉर्ड स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास है.

विश्व में सबसे ऊँची प्रतिमायें

1- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर)

2- स्प्रिंग टेम्पल बुद्धा, चीन (153 मीटर)

3- लाय्क्युन सेत्क्यर, म्यांमार (115.8 मीटर)

4 उशिकू दैब्त्सू, जापान (100 मीटर)

5- स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी, अमेरिका (97 मीटर)

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