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Sachin Pilot: जानिए सचिन पायलट से जुड़ी दिलचस्प बातें, फारुख अब्दुल्ला की बेटी से प्रेम विवाह से राजनीति तक

Sachin Pilot Story: साल 2018 में राजस्थान के टोंक विधानसभा सीट से 54,179 के भारी मार्जिन से जीत दर्ज कर चुके युवा कांग्रेसी नेता सचिन पायलट की कहानी किसी रोमांचक बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है. आज वह कांग्रेस का दामन छोड़ चुके हैं, अफवाहों को दरकिनार करते हुए भाजपा में भी शामिल नहीं होंगे.

42 वर्षीय राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व राज्य के उपमुख्यमंत्री रह चुके सचिन पायलट (Sachin Pilot) का युवाओं के बीच बेहद मशहूर हैं, इस वक्त अशोक गहलोत के साथ उनकी नाराजगी के किस्सों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है.

साल 2018 में राजस्थान में 199 सीटों पर चुनाव हुआ था बहुमत के लिए 100 सीट्स की दरकार थी, सचिन पायलट की आगुवाई में कांग्रेस ने 99 का स्कोर हांसिल किया दूसरी तरफ बीजेपी 73 के स्कोर पर सिमट गयी थी.

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मुख्यमंत्री की रेस में शामिल चेहरों में सचिन पायलट व अशोक गहलोत का नाम शुरू से ही चर्चा का विषय बना हुआ था लेकिन सचिन को डिप्टी सीएम की पोस्ट से संतुष्ट होना पड़ा था. राहुल गांधी, सचिन पायलट को नेतृत्व का जिम्मा सौंपना चाहते थे लेकिन सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी अनुभवी व दो बार सीएम रह चुके गहलोत के पक्ष में थे.

सीएम तो अशोक बने लेकिन इन चुनावों के दौरान 41 साल के सचिन पायलट हीरो बनके उभरे हैं, उन्हें डिप्टी सीएम बना दिया गया था. गुर्जर समुदाय के लोग उनको सीएम बनाने की जिद को लेकर सड़कों पर उतर आये थे.

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सचिन पायलट से जुड़ी दिलचस्प बातें

7 सितम्बर 1977 को उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले में सचिन पायलट ने कांग्रेस नेता राजेश पायलट और रमा पायलट के घर जन्म लिया.

सचिन ने स्कूलिंग एयरफोर्स बाल भारती स्कूल दिल्ली से की फिर सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से स्नातक की डिग्री ली. इसके बाद IMT गाजियाबाद से मार्केटिंग में डिप्लोमा किया फिर एमबीए के लिए पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी, लंदन चले गये.

लंदन में एमबीए के दौरान उनकी मुलाकात जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्लाह की बेटी सारा अब्दुल्लाह से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच लम्बा प्रेम प्रसंग चला.

सचिन, लंदन से पढाई कर वापस दिल्ली पहुंचे लेकिन सारा से उनकी दूरियां कम नहीं हुई, प्रेम में मशगूल दोनों ने अलग अलग मजहब के होते हुए भी घर में अपने रिश्ते के बारे में बता दिया.

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दोनों के परिवार इस रिश्ते को मंजूरी नहीं दे रहे थे लेकिन जैसे कैसे सचिन के घरवाले मान गये और सारा ने घरवालों के खिलाफ जाकर 2004 में शादी कर ली, हालाँकि अब फारुख अब्दुल्ला भी इस रिश्ते से खुश हैं.

सचिन अगर सीएम बनते तो सारा ऐसे पहली महिला होती जिसके पति के अलावा, दादा शेख अब्दुल्लाह, पिता फारुख अब्दुल्लाह, भाई उमर अब्दुल्लाह, फूफा गुलाम मोहम्मद सीएम रह चुके होते.

एक और फैक्ट बता दें कि शादी से पहले सचिन का राजनीति में आना तय नही था, पिता राजेश पायलट की अचानक डेथ होने की वजह से वह राजनीति में उतरे और उसी साल दौसा से चुनाव जीते थे.

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