Nirbhaya Case: फिर टली निर्भया दोषीयों की फांसी, मां आशा देवी ने बताया सिस्टम की नाकामी

JBT Staff
JBT Staff March 2, 2020
Updated 2020/03/02 at 8:35 PM

Nirbhaya Case: दिल्ली के खौफनाक केस के दरिंदों को फांसी, 7 साल बाद तय हुई तो उसमें भी कई नियम कानून उन्हें बचाने के लिए उतर आए, ऐसे में सबसे ज्यादा दर्द जिस इंसान को होता है वे हैं निर्भया के पिता बद्रीनाथ व मां आशा देवी.

वे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि, पिछले सात साल से वे हर दिन मर रहे हैं और अब उन्हें कुछ राहत पहुंचने वाली ही थी कि बड़े लोग इस पर राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने दिल्ली व केंद्र सरकार से अपील की है कि बेटी को इंसाफ दें.

7 जनवरी 2020 को 22 जनवरी की तारीख फांसी के लिए तय की गयी थी लेकिन दया याचिकाओं ने इसे टाल दिया, फिर 17 जनवरी को 1 फरवरी तय किया गया लेकिन फिर दया याचिका सुनवाई की वजह से डेट टली, 17 फरवरी को 3 मार्च का दिन तय हुआ, बात वहीं अटकी. निर्भया की मां आंसू नहीं रोक पाई, उन्होंने मीडिया से बात की और इसे सिस्टम की नाकामी बताया.

कोर्ट का कहना है 25 वर्षीय दोषी पवन कुमार गुप्ता की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है, जिस वजह से फांसी कल सुबह 6 बजे नहीं दी जा सकती है. पवन का वकील एपी सिंह ने बताया कि दया याचिका राष्ट्रपति के पास है, वकील ने यह भी दावा किया कि रिटायर्ड जस्टिस काटजू फांसी रोकने के लिए राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं, ऐसे में जेल मैनुअल के हिसाब से फांसी नहीं हो सकती.

निर्भया की मां आशा देवी (Asha Devi) ने सिस्टम पर गुस्सा निकाला, इससे पहले उन्होंने खुलासा किया था कि अपराधियों का वकील एपी सिंह उन्हें चैलेंज कर चुका है, वह कहता है कि फांसी कभी नहीं होगी. माता पिता दोनों ने दल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को इस लचरता के लिए जिम्मेदार ठहराया था.

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