India News

Nirbhaya Case: दया याचिका खारिज, 20 मार्च 2020 को निर्भया के दोषियों का होगा आखिरी दिन

Nirbhaya Case: 2012 के सबसे खौफनाक दिल्ली रेप व मर्डर का केस अब तक नहीं सुलझा है, जहां एक तरफ देश दोषियों की फांसी की मांग पर अड़ा है तो दूसरी तरफ कुछ लोग बचे हुए चार दोषियों को फांसी न देने की वकालत कर रहे हैं, चौथी बार फांसी की तारीख तय की गयी है.

22 जनवरी गयी, 1 फरवरी गयी,  3 मार्च गया और अब 20 मार्च का दिन तय किया गया है, सुबह तड़के साढ़े 5 बजे फांसी होनी है, मेरठ के जल्लाद ने रस्सियां मक्खन लगा के तैयार रखी हैं. अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट और कितना इस फैसले को लटकाती है.

यह भी पढ़ें:  Rishi Kapoor: ऋषि कपूर ने लॉकडाउन में सरकार से की शराब की अपील, मीम्स बनाने वालों ने मारे ताने

हालांकि घटना के वक्त नाबालिग होने का दावा कर रहे पवन को सुप्रीम कोर्ट ने झटका दिया है. इस तरह मुकेश सिंह (32), अक्षय ठाकुर (31), विनय शर्मा (26) व पवन गुप्ता (25) सभी को कल फांसी पर लटकाने की पूरी तैयारी की जा चुकी है.

दोषियों की वकालत कर रहे एपी सिंह नाम के वकील निर्भया (Nirbhaya) के माता को धमकी तक दे चुका है कि वह दोषियों को किसी भी हाल में फांसी के फंदे तक नहीं जाने देगा. इस वकील के अलावा कई पढ़े लिखे लोग फांसी का विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है दोषियों ने अपनी गलती का एहसास किया है, उनमें कई तरह के सकरात्मक बदलाव आए हैं.

यह भी पढ़ें:  Janta Curfew: पीएम मोदी ने पहले दिन को बताया लंबी लड़ाई की शुरुवात, कहा सेलिब्रेशन न मनाएं

दूसरी तरफ दोषियों की माओं व रिश्तेदारों ने भी सड़क पर उतरकर फांसी का विरोध किया है. उनका कहना है एक मौत के बदले 4 मौतें क्यों, फांसी का फैसला वापस लिया जाए. जबकि निर्भया की मां, फांसी में लेट लतीफ को कतई बर्दाश्त नहीं कर पा रहीं हैं.

निर्भया के पेरेंट्स आशा देवी व बद्रीनाथ सिंह का कहना है वे पिछले 7 साल से घुट घुट के जी रहे हैं, हर दिन मर रहे हैं. वे किसी भी हाल में दोषियों को माफ़ नहीं कर सकते हैं.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



To Top