Narayan Bhaurao: 85 वर्षीय बुजुर्ग ने युवक के लिए छोड़ा अस्पताल में बेड, बोले मैंने अपनी जिंदगी जी ली है

JBT Staff
JBT Staff April 28, 2021
Updated 2021/04/28 at 10:44 AM

Narayan Bhaurao: महामारी के इस बुरे दौर में हर तरफ अफरा तफरी का माहौल है, जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे लोग अस्पतालों में जिंदगी की उम्मीद के लिए जा रहे हैं लेकिन अस्पतालों में बेड खाली नहीं होने की वजह से निराशा हाथ लग रही है.

ऐसे कठिन दौर में महाराष्ट्र की स्टोरी राहत की सांस देती है, बुजुर्ग के बलिदान की यह कहानी इंसानियत की मिसाल है. 85 वर्षीय नारायण भाऊराव दाभाडकर जो कि खुद कोरोना पेशेंट थे, 40 वर्षीय शख्स के लिए परिवार वाले इलाज की गुहार लगा रहे थे तो अस्पताल वालों ने कह दिया कि बेड खाली नहीं है.

दाभाडकर ने डॉक्टर से आग्रह किया कि उनकी उम्र 85 वर्ष की है, वह अपनी जिंदगी जी चुके हैं जबकि 40 वर्षीय पेशेंट के सर पर परिवार की जिम्मेदारी है, उसे कुछ हो गया तो छोटे छोटे बच्चे अनाथ हो जायेंगे. डॉक्टरों ने अंत में उनसे एक पेपर साइन करवाया जहां उन्होंने लिखा कि वह अपनी स्वेच्छा से अपना बेड छोड़ रहे हैं.

कोरोना से जंग लड़ रहे 85 वर्षीय नारायण भाऊराव दाभाडकर, दरियादिली दिखा कर हॉस्पिटल छोड़ घर चले गए, दुःख इस बात का है कि वह तीसरे दिन कोरोना से जंग हार गए लेकिन कठिन दौर में जो इंसानियत पेश की उसके लिए चारों तरफ उनको याद कर रहे हैं.

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी स्वर्गीय नारायण भाऊराव दाभाडकर के दरियादिली को सलाम कहा है. महिला के आंखों में आंसू व पति के लिए तड़पती उसकी जान देख कर उनका दिल पिघला और उन्होंने तुरंत हॉस्पिटल से जाने की इच्छा जताई. सोशल मीडिया पर लोग उन्हें सलाम कर रहे हैं.

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