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Hathras: मायावती ने हाथरस मामले में की CBI जांच की मांग, क्या कातिलों को बचाने की हो रही भरपूर कोशिश

Hathras Rape & Murder: हाथरस दुष्कर्म व हत्याकांड में कई तरह की अफवाहों का शोर है, योगी आदित्यनाथ की पुलिस जिस तरह का किरदार निभा रही है उससे मामले पर संदेह बनता जा रहा है.

घटनास्थल पर मीडिया को नहीं जाने दिया जा रहा है, भारी संख्या में  सवर्ण जातियों के लोग इसे सवर्णों को बदनाम करने की साजिश बता रहे हैं जबकी इतना तो तय है कि 20 वर्षीय वाल्मीकि समाज की युवती का बर्बरता से कत्ल किया गया है, गुनहगार की कोई जाति या धर्म नहीं होता तो फिर किसी भी तरीके से बचाव कैसा.

ऐसे में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) का कहना भी ठीक है कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए, वह ट्विटर पर लिखती हैं ‘हाथरस रेप व हत्याकांड की शुरुवाती जांच किसी को भी संतुष्ट नहीं करती, ऐसे में इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई द्वारा की जानी चाहिए’.

पुरानी रंजिश का निकल आया है एंगल

14 सितम्बर की सुबह साढ़े 9 बजे हुई इस घटना के बारे में बहुत सी अफवाहों का शोर है, कहा यह भी जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच साल 2001 में जमीनी विवाद ने जन्म लिया था, 2005 में यह मामला कोर्ट द्वारा सुलझाया गया था. संदीप ठाकुर ने इसी रंजिश के चलते पीड़िता के साथ जोर जबरदस्ती करने की कोशिश की लेकिन वह इसका विरोध करते रही.

या कहें घटना का एंगल यह भी कहता है कि पीड़िता के साथ मारपीट तो हुई लेकिन रेप नहीं हुआ, दूसरी तरफ परिवार पर दबाव बनाने के आरोप भी हैं. तमाम अफवाहों के बीच सच्चाई गुम होती नजर आ रही है. पुलिस का यह भी दावा है कि परिवार वालों के अनुमति से ही मृतका का दाह संस्कार किया गया है, वहीं मीडिया पुलिस के रवैये पर सवाल उठा रही है.

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