Manya Singh: मिस इंडिया रनरअप ऑटो रिक्शा चालक की बेटी मान्या ने बताई संघर्ष की कहानी, कभी धोने पड़े थे बर्तन

JBT Staff
JBT Staff February 12, 2021
Updated 2021/02/12 at 6:37 PM

Vlcc Femina Miss India 2020 runner up Manya Singh: मिस इंडिया का खिताब इस साल तेलंगाना की मानसा वाराणसी ने अपने सर सजा दिया है लेकिन इस ब्यूटी प्रतियोगिता के रनरअप मान्या सिंह ने ज्यादा धूम मचाई है.

उत्तर प्रदेश के मान्या सिंह (Manya Singh) की कहानी हर किसी को प्रेरित कर रही है, गरीब घरों के बच्चे शायद ही ब्यूटी पेजेंट खेलने के सपने देखते होंगे, मान्या सिंह के जीवन में तो इतनी कठिनाई आई कि गम करने वाले के चेहरे का नूर ही चला जाए, लेकिन मान्या ने रास्ते के हर कठिनाई को स्वीकार किया और आज इतिहास अपने नाम कर दिया है.

मिस इंडिया का 57वां संस्करण वीएलसीसी फेमिना मिस इंडिया (Vlcc Femina Miss India) का फिनाले बीते बुधवार को मुंबई के प्लश होटल में आयोजित कराया गया था जिसे बॉलीवुड एक्टर अपारशक्ति खुराना ने होस्ट किया जबकि बॉलीवुड के कई एक्टर्स बतौर गेस्ट इस सीजन के साक्षी रहे. खिताब मानसा वाराणसी ने जीता, पहली रनरअप मान्या सिंह जबकि दूसरी मनिका शोकंद रही.

सोशल मीडिया के माध्यम से मान्या सिंह ने उस दौर की कहानी बयां की है जिसे सुनकर हर कोई हैरान व प्रेरित एक साथ हो जाएगा. वह लिखती हैं ‘बिना खान व नींद के उन्होंने कई रातें बिताई हैं, ट्रेवल करने के लिए पैसे नहीं हुआ करते थे तो पैदल ही कई किलोमीटर चली, खून पसीने व आंसुओं ने आगे बढ़ने के लिए साहस दिया. ऑटो रिक्शा की बेटी होने के कारण स्कूल जाने का अवसर नहीं मिल पाया क्योंकि बचपन में काम धाम करना शुरू करना पड़ा था, मां ने जेवर गिरवी रख पैशन फॉलो करने में मदद की’.

वह आगे लिखती हैं ’14 साल की उम्र घर से भाग गई थी, दिन के वक्त पढ़ना शुरू किया शाम के वक्त बर्तन धोने का काम तो रार्ट को कॉल सेंटर में जॉब, रिक्शे का किराया बचाने के लिए मीलों पैदल चला करती थी, आज मिस इंडिया रनर अप हैं तो माता पिता व भाई की वजह से हैं क्योंकि उन्होंने विश्वास दिलाया’.

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