Kerala: 96 की कर्तियानी व 105 साल की भागीरथी अम्मा को विमेंस डे के दिन राष्ट्रपति देंगे नारी शक्ति पुरुस्कार

JBT Staff
JBT Staff March 5, 2020
Updated 2020/03/05 at 12:35 PM

Kerala: इस विमेंस डे या कहें 8 मार्च को देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 96 की कर्तियानी व 105 साल की भागीरथी अम्मा को नारी शक्ति पुरुस्कार से सम्मानित करने जा रहे हैं. साक्षरता कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर इन वृद्ध महिलाओं ने देश में मिसाल कायम की है.

सही कहा जाता है कि पढ़ने लिखने की कोई उम्र नहीं होती है, कुछ लोग उम्र बढ़ने के साथ हाथ में कलम उठाना बेफिजूल समझते हैं, उन लोगों के लिए कर्तियानी (Karthiyaan) व भागीरथी (Bhageerathi) अम्मा आईना हैं.

2018 में कर्तियानी अम्मा ने 100 में से 98 अंक हांसिल कर केरला स्टेट लिटरेसी मिशन अथॉरिटी (KSLMA) में टॉप किया था और देशभर के लोगों ने उन्हें एक मिसाल बताया. दूसरी तरफ उम्र का शतक जड़ चुकी भागीरथी ने 105 साल की उम्र में भी केरल राज्य साक्षरता मिशन में शामिल सबसे बुजुर्ग छात्रा हैं.

दोनों को सयुंक्त रूप से नारी शक्ति पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया जाएगा. दोनों की कहानी बेहद इंसपायरिंग है, भागीरथी ने नौ वर्ष की उम्र में पढ़ाई छोड़ दी थी, उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी क्योंकि मां का अचानक देहांत हो गया था, उस दौर में वह जिंदगी के भाग दौड़ में इतनी व्यस्त हुई कि कभी स्कूल नहीं जा पाई.

भागीरथी के 6 बच्चे हैं और उनसे 16 नाती पोते व 12 पड़नाती हैं. अक्क्षरलक्षम साक्षरता कार्यक्रम में टॉप कर चुकी कर्तियानी अम्मा ने साल 2018 में लगभग शत प्रतिशत अंक हांसिल कर सुर्खियां बटोर कर चुकी हैं.

दोनों बुजुर्गों को सम्मान की बात सुनकर सोशल मीडिया पर उन्हें लोग बधाई दे रहे हैं. ऐसे ही देश की और महिलाओं को भी प्रेरणा लेने की सलाह दी जा रही है.

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