Uttar Pradesh: 12 की उम्र में पढ़ाई व पिता की डांट के डर से छोड़ा घर, अब लौटा गाड़ियों का मालिक बनकर

JBT Staff
JBT Staff March 23, 2021
Updated 2021/03/23 at 2:19 PM

Uttar Pradesh: आज की यह कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म की कहानी नहीं बल्कि हकीकत है, सोशल मीडिया के इस दौर में अब पहले जैसे सालों तक कोई गुम नहीं रहता है बल्कि इस दौर ने तो कई बिछड़ों को उनके अपनों से मिलाया है.

उत्तर प्रदेश के हरदोई के रिंकू की कहानी थोड़ा अलग है, उसने आज से 14 साल पहले पढ़ाई लिखाई व पिता की डांट फटकार से तंग आकर अपना गांव छोड़ दिया था. भारी मशक्कत के बाद भी उनके हाथ कोई खोज खबर हाथ नहीं लगी तो गरीब मां-बाप ने बेटे को भूलने का फैसला भी कर लिया था लेकिन तबसे अब तक दुनिया में बहुत बदलाव आ चुका है.

इस कहानी के मुख्य किरदार हैं सैतियापुर, मजरा फिरोजपुर के सरजू, पत्नी सीता व बेटा रिंकू. सरजू पेशे से किसान हैं, उनकी चाहत थी कि बेटा पढ़ लिखकर बड़ा इंसान बने लेकिन बेटे रिंकू को पढ़ाई में कोई दिलचस्पी नहीं थी, जिसकी वजह से उसे डांट व मारपीट का सामना करना पड़ता था, एक दिन उसने घर हमेशा के लिए छोड़ने का मन बना लिया.

आज से 14 साल पहले अंदर से घर के कपड़े व बाहर से स्कूल यूनिफार्म पहनकर स्कूल के बहाने से घर से निकला लेकिन ट्रेन पकड़ ली लुधियाना की, यहां सरदारों से मुलाकात व दोस्ती हुई और पंजाब का रहन सहन व भाषा को जीवन में उतार डाला, खैर यह उसके लिए टर्निंग पॉइंट भी साबित हुआ, पहले उसने ट्रक चलाना सीखा और फिर खुद का ही ट्रुक खरीद लिया.

अनुसूचित जाति का रिंकू घर से भागकर पंजाब का हो गया, उसने अपना नाम भी गुरप्रीत रख लिया था, छोटी सी उम्र में कमाने खाने की अक्ल आने के बाद उसे एक लड़की से प्यार भी हुआ, जिससे उसने शादी कर ली है, कमाल ये है कि उत्तर प्रदेश के ही गोरखपुर निवासी लुधियाना में रहते हैं जो अब उसके ससुरालवाले हैं.

बीते शनिवार वह अपने गांव लौट आया है, उसे अपने पिता का नाम याद नहीं था लेकिन गांव के सूरत यादव का नाम याद था, गांव में जाकर पहले सूरत यादव से मिला, सूरत उसे उसके मां-बाप के पास ले गया, मां ने उसे पहचान लिया और खुशी के आंसू बड़ी देर बाद रुके, खैर वह फिर काम पर लौट चुका है लेकिन मां-बाप से दूर नहीं जाने वाला है.

सरदार बन चुका है रिंकू उर्फ़ गुरप्रीत
Share this Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.