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Ghaziabad: मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई की सच्चाई आई सामने, फेक न्यूज फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

Ghaziabad: कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल किया जा रहा था, वीडियो वायरल करने वाले ने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय के बुजुर्ग शख्स को बुरी तरह पीटा गया है, उसे ‘जय श्री राम’ व वंदेमातरम् बोलने के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई.

ट्विटर पर गाजियाबाद के लोनी इलाके के इस वीडियो को बताया गया और साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने की चाल चली गई, पीड़ित का नाम अब्दुल समाद (Abdul Samad) बताया गया. जानी मानी हस्तियों ने इस मुद्दे पर सवाल उठाया और न्याय की मांग की क्योंकि वीडियो को बेहद भड़काऊ तरीके से पेश किया गया था.

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जांच अधिकारियों का कहना है इस वीडियो को फैलाने वाले व इसपर बिना पुष्टि के आर्टिकल लिखने वाले न्यूज वेबसाइट्स पर एक्शन लिया जाएगा, झूठे बयान देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है, मामले ने तूल पकड़ लिया है क्योंकि कई लोगों पर वीडियो पर झूठी खबर दिखाकर नफरत फैलाने का आरोप लग रहा है.

यूपी पुलिस द्वारा कई लोगों के खिलाफ मुकदमा कर दिया गया है, पत्रकार मोहम्मद जुबैर, राना अय्यूब, सबा नकवी, कांग्रेस नेता मस्कूर आदि इसमें शामिल हैं. बीजेपी नेता शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा शेयर किए वीडियो की मानें तो अब्दुल समद पर अपने ही करीबियों से पिटने की बात कही जा रही है.

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बताया जा रहा है कि वीडियो में पिटने वाले शख्स एक तांत्रिक है, ताबीज बांधकर व लड्डू खिला कर लोगों को अंधविश्वास की दुनिया में धकेलने का काम करता है. गाजियाबाद पुलिस द्वारा बताया गया कि यह विडियो गलत सूचना के साथ फैलाई जा रही है. मोहम्मद जुबैर ने भी वीडियो को गलत सूचना के साथ शेयर किया था, बाद में उन्होंने इसे डिलीट किया है.

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