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Delta Plus Variant: अब तक चार राज्यों में फैला कोरोना का डेल्टा प्लस वेरिएंट, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा केस

Delta Plus Variant: कोरोना की दूसरी लहर अभी शांत नहीं हुई कि इसके एक दूसरे प्रकार ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं, कुछ दिन पहले इसके केस आने शुरू हुए थे और अब इजाफा होते हुए आंकड़ा 40 तक पहुंच गया है.

कोरोनावायरस की तरह ही डेल्टा प्लस वेरिएंट ने भी महाराष्ट्र में रफ़्तार पकड़ी है, इस राज्य में सबसे ज्यादा 21 मामले सामने आ चुके हैं. इसके अलावा इस घातक वायरस ने मध्य प्रदेश, केरल व तमिलनाडु में दस्तक दी है. सरकार की मानें तो 80 देशों में डेल्टा स्वरुप का पता चला है, गंभीर बात यह है कि यह वायरस वैक्सीनेशन को चकमा देने वाला लगता है.

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अब सवाल उठता है कि क्या डेल्टा प्लस वेरिएंट, कोरोनावायरस व कोरोना की दूसरी लहर से भी घातक साबित हो सकता है, क्या यह अच्छी रोग प्रतिरोधकता को भी चैलेंज करता है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम ने सूचित किया है कि डेल्टा प्लस स्वरूप, चिंताजनक स्वरुप (VOC) है.

भारत के अलावा चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्वीटजरलैंड, जापान, पोलैंड, रूस आदि देशों में भी डेल्टा प्लस स्वरूप का पता चला है, भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG), राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का फोरम है जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने गठित किया है, जो वायरस के बारे में सही से पता कर रहा है.

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भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम समूह, वायरस के नए स्वरूप व कोरोना महामारी के साथ इसके संबंधों के बारे में पता लगा रहा है. अभी यह कहना भी जल्दी होगा कि वैक्सीन कोविशील्ड व कोवैक्सीन इस वायरस के खिलाफ कितना असरदार है, मेडिकल जांच के बाद ही सब कुछ कहा जा सकता है.

वहीं डेल्टा वेरिएंट का सबसे पहला मामला यूरोप में आया जो इसी साल मार्च में आया, 13 जून को इसे पब्लिक डोमेन में लाया गया था.

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