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Agriculture Bill: सरकार ने विपक्ष के विरोध को बताया बेबुनियाद, तो इस तरह होगा किसान को फायदा

Agriculture Bill: देश की सबसे महत्वपूर्ण इकाई को अपने-अपने तरफ खींचने की होड़ सी लगी है, जहां केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र की बेहतरी का वादा करते हुए एक नहीं तीन विधेयक पारित कर दिए हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस लगातार सरकार पर हमला कर रही है.

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्विटर के माध्यम से फिर एक बार मोदी सरकार पर वॉर किया है, उनका कहना है साल 2014 की चुनावी रैली के दौरान उन्होंने वादा किया था कि किसानों को स्वामीनाथन कमिशन वाला MSP जबकि 2020 आते ही वह किसानों के लिए काला कानून ले आए.

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राहुल गांधी इसे शुरुवात से ही पूंजीपतियों के हित में बता रहे हैं जबकि पीएम मोदी ऐसे सभी आरोपों का खंडन कर चुके हैं, उनका कहना है यह कानून किसान के लिए वरदान साबित होगा.

इस वजह से हो रहा है कृषि बिल का विरोध

केंद्र सरकार का बहिष्कार कर रहे विपक्षी व अन्य आंदोलनकारीयों का मानना  है कि कृषि बिल (Agriculture Bill), किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य अर्थात एमएसपी (MSP) ने देने की चाल है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस बात को कह चुके हैं कि MSP पर इस बिल से कुछ भी फर्क नहीं पड़ने वाला.

विपक्ष इस बिल को किसानों के खिलाफ साबित करने में जुटा है जबकि मोदी सरकार कहती है कि अब किसान अपनी फसल को कहीं भी और जिसे चाहे बेच सकता है, इससे ‘वन नेशन वन मार्किट’ का फार्मूला स्थापित होने वाला है. एक तरफ जहां मोदी सरकार दावा करती है कि बड़ी फूड प्रोसेसिंग कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करके किसान खूब मुनाफा कमा सकते हैं, तो इसी को विपक्ष आधार बनाकर कहती है कि यह पूंजीपतियों के हित है.

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किसानों व कंपनीयों के बीच सीधा कॉन्ट्रैक्ट होने के बाद क्या किसानों का शोषण होना शुरू हो जाएगा, इस पर मोदी सरकार कहती है कि किसानों को पहले से फिक्स्ड दाम मिलने वाले हैं, समझौता इस तरह होगा कि किसान हित को कोई नुकसान नहीं होगा, यहां तक कि समझौते से किसान कभी भी हट सकता है और इसपर कोई पैनल्टी भी नहीं होगी.

मोदी सरकार का आरोप है कि विपक्ष, किसानों को गुमराह कर रहा है, भ्रम यहां तक फैला है कि किसानों की जमीन, कंपनीयों के पास चली जाएगी जबकि सरकार कहती है सौदा सिर्फ फसल का होता है किसान से उसकी जमीन कोई नहीं छीन सकता है. हां बड़े कॉर्पोरेट व किसान दोनों को जरुर इस बिल से फायदा होगा, लेकिन किसान को कोई नुक्सान नहीं होगा.

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