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Rafale: अंबाला एयरबेस पर ही क्यों लैंड करेंगे राफेल लड़ाकू विमान, जानिए वजह

Rafale: भारत-फ्रांस के बीच 36 राफेल की डील पिछले साल हुई थी, अक्टूबर 2019 में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की फ्रांस यात्रा खूब चर्चा में रही थी जब उन्होंने नींबू-मिर्च एयरक्राफ्ट पर टांगकर विजयदशमी और एयरफोर्स डे के अवसर पूजा की थी.

चार साल पहले 59 हजार करोड़ में 36 विमानों की डील हुई थी लेकिन इन सभी विमानों को इंडियन पहुंचने में लंबा वक्त लगने वाला है, 2022 के अगस्त-सितम्बर तक ये सभी विमान इंडिया के पास होंगे और देश बहुत शक्तिशाली बन जाएगा. कल 5 राफेल फाइटर जेट अंबाला पहुंचने वाले हैं, जबकि पहला विमान पिछले साल अक्टूबर में आया था.

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इन 5 लड़ाकू विमानों (Rafale Fighter Jets) की बात करें तो इनमें से 3 सिंगल सीटर व 2 ट्विन सीटर विमान हैं, 7 हजार किलोमीटर का सफर करने के बाद कल सुबह ये पांचों विमान अंबाला वायुसेना अड्डे पर पहुंच जाएंगे, इन्हें अंबाला में ही क्यों उतारा जा रहा है इसके पीछे भी एक वजह है.

भारत की पावरफुल व सुपरसोनिक मिसाइल, ब्रह्मोस की स्क्वाड्रन भी यहीं तैनात हैं, दूसरी वजह है दुश्मन देशों की सीमाएं भी यहां से बहुत नजदीक हैं. वहीं अगले साल से इन विमानों का इस्तेमाल होगा. लद्दाख की सीमाओं पर जो तनाव देखने को मिल रहा है, विमानों से इंडिया का दबदबा बढ़ेगा.

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इन लड़ाकू की खूबी आपको बता दें ये अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों से लैस हैं. दसॉल्ट कंपनी के बने इन विमानों का परिक्षण भी फ्रांस में अच्छी तरह हो रहा है, 36 विमानों में से दूसरी स्क्वाड्रन बंगाल के हाशिमारा में खड़ी होगी. हरियाणा के अंबाला (Ambala) एयरबेस में तैयारियां पुख्ता कर दिए गए हैं, कल 5 राफेल विमान यहां पहुंचने वाले हैं.

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