Raksha Bandhan Date 2021: कब है भाई-बहन का त्योहार रक्षाबंधन

JBT Staff
JBT Staff July 31, 2021
Updated 2021/07/31 at 5:34 PM

Raksha Bandhan date 2021 shubh muhurat, Tithi: भाई बहनों के प्यार का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन नजदीक है, दूर-दूर रह रहे भाई बहनों के लिए मिलना भले ही मुश्किल होता है लेकिन राखी भेजने से कौन रोक सकता है. जिन बहनों को राखी भेजने की याद नहीं वे जरुर कैलेंडर पर एक नजर दौड़ा लें.

हिंदू धर्म के सबसे बड़े पर्वों की बात हो रही हो तो रक्षा बंधन (Raksha Bandhan) उनमें से एक है जो श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है, इस दिन बहनें पूजा पाठ करके भाइयों की रक्षा के लिए प्रार्थना करती हैं. बहनें राखी (Rakhi) बांधकर अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं जबकि भाई विश्वास दिलाता है कि वह अपनी बहन को हमेशा प्रोटेक्ट करेगा, उसकी रक्षा करेगा.

2021 में कब है रक्षा बंधन (Raksha Bandhan Kab Hai 2021)

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा इस साल 2021 में 22 अगस्त (Raksha Bandhan on 22 August) रविवार के दिन पड़ रहा है, पूर्णिमा की तिथि की वजह से इसे कई स्थानों पर राखी पूर्णिमा भी कहा जाता है. इस दिन भाई बहनों के चेहरे पर एक रौनक सी रहती है, वे नहा धोकर नए कपड़े पहनते हैं व बहनें भाई की दहनी कलाई पर राखी बांधती हैं, भाई अपनी बहन की रक्षा की प्रतिज्ञाँ के साथ साथ चाकलेट या अन्य उपहार बहन को देते हैं.

देश के कई इलाकों में इस पर्व पर पतंग उड़ाने का भी रिवाज है, अगस्त के महीने में पड़ने वाले दो बड़े पर्व पहला राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस और फिर राखी पर पतंगबाजी खूब होती है.

सावन 2021 का पावन महीना 25 जुलाई से शुरू हुआ था, 22 अगस्त को रक्षाबंधन 2021 के साथ ही यह खत्म भी हो जाएगा. सावन का महीना भगवान शिव के भक्तों के लिए बेहद खास है, सोमवार को व्रत रखकर वे पूजा अराधना करते हैं.

रक्षाबंधन 2021 शुभ मुहूर्त और तिथि (Raksha Bandhan 2021)

हिंदू कैलेंडर के अनुसार 21 अगस्त 2021 की शाम 7 बजे से सावन मास की पूर्णिमा प्रारम्भ हो रही है और यह 22 अगस्त को 5 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी. रक्षाबंधन 2021 के लिए शुभ मुहूर्त (Rakshabandhan 2021 subh muhurat) 22 अगस्त 2021 को 6 बजकर 15 मिनट से शाम को 5 बजकर 31 मिनट तक है.

राखी बांधने का सही तरीका

राखी पहनते समय भाई का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए. बहन पूजा की थाली में दीपक, धूप, रौली, चावल, मिठाई व राखी रखती है. सबसे पहले बहन भाई की आरती करती है टिका लगाती है तथा भाई को राखी पहनाती है तथा मिठाई खिलाती है. भाई भी बहन को मिठाई खिलता है तथा उपहार भी देता है.

क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन (Why is Raksha Bandhan Celebrated)

रक्षा बंधन का ताल्लुक कई पौराणिक कहानियों से है, कहा जाता है कि महाभारत युद्ध से पहले श्री कृष्ण को राजा शिशुपाल के खिलाफ सुदर्शन चक्र उठाना पड़ा था, इस वक्त उनके हाथ में चोट लगी और खून बहने लगा, द्रौपदी ने अपनी साड़ी का टुकड़ा फाड़ा और कृष्ण भगवान के हाथ में बांधा था जिसके बाद श्री कृष्ण ने उन्हें हमेशा व हर मुसीबत में रक्षा करने का वचन दिया था.

भविष्य पुराण में एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, 12 वर्षों तक देवता और असुरों के बीच चले संग्राम में इन्द्र की भीषण पराजय के बाद उसे इन्द्र लोक छोड़कर जाना पड़ा था. गुरु बृहस्पति ने इंद्र को श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को रक्षा विधान के लिए रक्षा सूत्र का उपाय बताया था, बृहस्पति के आदेशानुसार इंद्राणी द्वारा बनाए गए रक्षा सूत्र या राखी को ब्राह्मणों द्वारा इंद्र की कलाई में बांधने की योजना बनायी गयी. इस प्रकार इंद्राणी के द्वारा तैयार किए रक्षा सूत्र को ब्राह्मणों ने इंद्र की कलाई पर बांधा. इसके बाद इंद्र की इस देवासर संग्राम में विजय हुई.

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