Nag Panchami 2021 Kab Hai, Date: कब है नाग पंचमी 2021, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

JBT Staff
JBT Staff August 12, 2021
Updated 2021/08/12 at 11:27 AM

Nag Panchami Kab Hai, subh muhurat, Pooja Vidhi: सावन के महीने के सबसे बड़े त्यौहार में से एक नाग पंचमी है, इस दिन विशेष सर्प या कहें दिव्य नागों की पूजा की जाती है जिससे जिंदगी की दुःख तकलीफें खत्म होती हैं.

नाग पंचमी कब है? (Nag Panchami Kab Hai)

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (Panchami Date) को नाग पंचमी (Nag Panchami) पड़ती है, अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह दिन इस साल 13 अगस्त को आएगा. पंचमी तिथि की बात करें तो यह तिथि 12 अगस्त 2021, गुरुवार दोपहर 3 बजकर 24 मिनट से शुरू हो जाएगी जबकि अगले दिन (Nag Panchami, 13 August 2021) दोपहर 1 बजकर 42 पर तिथि समाप्त हो जाएगी.

क्यों मनायी जाती है नाग पंचमी? (Nag Panchami 2021)

काले नाग पर भगवान श्री कृष्ण की विजय के उपलक्ष में यह पर्व मनाया जाता है, पौराणिक कथाओं की मान्यता है कि एक बार श्रीकृष्ण (Shri Krishna) अपने दोस्तों के साथ नदी किनारे खेल रहे थे तभी उनकी गेंद नदी में चली जाती है जहां कालिया नाग फन फैलाए हुए था, श्री कृष्ण उस गेंद को लेने नदी में कूद पड़ते हैं और वह जहरीला सर्प उन्हें डसने की कोशिश करता है.

भगवान विष्णु के आंठवें अवतार श्री कृष्ण भी उसे अपना असली रूप दिखाने में जुट जाते हैं, निराकार श्रीकृष्ण की हकीकत जानकर वह नाग माफी मांगने लगता है, वह भगवान श्रीकृष्ण को वचन देता है कि वह अब किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा, मान्यता है कि तबसे नाग देवता की पूजा की जाती है. आइए जानते हैं इस साल किस दिन होगी नाग पंचमी?

नाग पंचमी पूजा शुभ मुहूर्त (Nag Panchami 2021 Puja Shubh Muhurat)

रुद्राभिषेक के लिए भी यह दिन शुभ माना जाता है, रूद्र अर्थात भगवान शिव और रुद्राभिषेक मतलब भगवान शिव का अभिषेक. इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है, दिव्य सर्पों को पूजने से कई कष्टों का निवारण होता है, पूजा का उत्तम समय 5 बजकर 48 मिनट से लेकर शाम 8 बजकर 27 मिनट तक है.

किन दिव्य नागों या विशेष प्रकार के सांपों की होती है पूजा (Nag Panchami kab hai)

नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा होती है, नागों में कुछ विशेष प्रकार के ही नाग होते हैं जिन्हें पूजा जाता है और दान दिया जाता है. कालिया, शंख, कंबल, कर्कोटक, अष्ववर, शंखपाल, तक्षक, पद्म, अनंत, पिंगल दिव्य नागों की इस दिन पूजा होती है जिससे कालसर्प दोष भी दूर होता है.

Share this Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.