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गुरु पूर्णिमा 2019: जानिए इस महापर्व का महत्व, चंद्रहण का साया, पूजा का समय व विधि के बारे में

Guru Purnima 2019: 16 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है और देर रात चंद्रग्रहण का साया है ऐसे में इस महापर्व पर पूजा का शुभ मुहूर्त व पूजा पाठ की विधि मालूम होनी बहुत जरुरी है.

चंद्रग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लग जाएगा और इस दौरान पूजा पाठ, स्नान आदि शुभ नहीं माना जाता है. आपको बता दें 16 जुलाई की रात 1:31 बजे से 4:30 बजे तक चंद्रग्रहण लगा रहेगा. 2 घंटे 59 मिनट तक के इस समयकाल में किसी भी तरह का शुभ कार्य करने ना जाएं.

हिन्दू धर्म में गुरु को भगवान से भी बड़ा दर्जा दिया गया है, कहा जाता है कि ज्ञान बिना कोई शख्स भगवान के बारे में भी नहीं जान सकता है. धर्म, कर्म, सच्चाई, अच्छा बुरा सबका ज्ञान एक गुरु के बिना सम्भव नहीं.

पूर्णिमा का यह दिन गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन संस्कृत के विद्वान आदिगुरू महाभारत के रचयिता महिर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था, इसीलिए इस दिन को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है.

गुरु पूर्णिमा 2019

गुरु पूर्णिमा आज दिनांक 15 जुलाई की देर रात 1:48 बजे शुरू होकर 16 जुलाई की रात 3:07 बजे तक है या कहें 16 तारीख से 17 की सुबह 3:00 बजे तक है और इसी दौरान चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है. 16 जुलाई के रात 1:31 बजे से सुबह 4:30 बजे चंद्रग्रहण है. चंद्रग्रहण के सूतक काल और चंद्रग्रहण के दौरान पूजा न करें.

पूजा की विधि

सुबह 5 बजे उठकर स्नान करें, साफ सुथरे कपड़े डालें. मंदिर के पास चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर बैठें व व्यास पीठ बनाएं. गुरु मंत्र का उच्चारण करें. इसके बाद ताजा भोजन बनाएं, प्रसाद के तौर पहले गुरु की प्रतिमा या फोटो के आगे भोजन रखें, पूजा करें.

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