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ISRO EOS-03 News in Hindi: इसरो का मिशन आखिर किस वजह से रहा अधूरा

ISRO EOS-03 Kis Wajah Se Fail Hua, Launching Failure News in Hindi: आज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के हाथ बड़ी कामयाबी लगने से रह गई, उपग्रह ईओएस-03 के प्रक्षेपण के दौरान तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा जिसके चलते धरती की निगरानी करने के लिए बनाया गया यह सैटलाइट अपना काम नहीं कर पाया.

भारतीय अंतरीक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) ट्विटर पेज पर एक हफ्ते पहले से ही ‘भू्-अवलोकन उपग्रह EOS-03 (Earth Observation Satellite, EOS-03)’ के लांच को लेकर अपडेट दिया जा रहा है, आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से आज GSLV-F10 रॉकेट ने इस मिशन के लिए उड़ान भरी तो नतीजे सोच के विपरीत निकलकर आए.

गुरुवार सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर रॉकेट GSLV-F10 ने निर्धारित समयानुसार उड़ान भरी थी, इसरो द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पहले व दूसरे चरण के प्रदर्शन मुताबिक रहे जबकि तीसरे चरण के दौरान क्रायोजेनिक अपर स्टेज इग्निशन तकनीकी खराबी ने वैज्ञानिकों के चेहरे मायूस कर दिए.

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इसरो (Indian Space Research Organization) द्वारा मिशन फेल होने के बाद बयान जारी कर दिया गया है, चेयरमैन डॉ. के सिवन (Dr. K. Sivan) कहते हैं मिशन नाकामयाब होने के पीछे मुख्य वजह क्रायोजेनिक चरण के दौरान आई तकनीकी खराबी की वजह से मिशन पूरा नहीं हो पाया.

EOS-03 लांच के पीछे उद्देश्य (ISRO EOS-03 Launch, ISRO EOS-03 Kis Wajh Se Failure Hua)

एक समयावधि के बाद अर्थ ऑब्जर्वेशन उपग्रह (EOS-03 Satellite) पृथ्वी के खास जगहों की तस्वीरों को साझा करता जिसके लिए इसे जीएसएलवी-एफ 10 (Rocket GSLV-F10) के द्वारा भूसमकालिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में स्थापित करना तो था लेकिन मिशन सफल नहीं हो पाया है.

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अत्याधुनिक भू-अवलोकन उपग्रह (Earth Observation Satellite), खास चिन्हित किए गए बड़े क्षेत्रों की वास्तविक समय की तस्वीरें एक समय अंतराल पर भेजता रहता जिससे धरती पर होने वाली तमाम तरह की अनहोनी जैसे प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य तरह की अकल्पनीय घटना के बारे में जानकारी हाथ लग सकती. बरसात में हर साल होने वाली घटनाओं में बादल फटना या चक्रवात, कृषि, वनीकरण आदि की निगरानी के लिए इसे तैयार किया गया था.

EOS-03 प्रक्षेपण से इसरो द्वारा लगातार अपडेट किया जा रहा था:

श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से इसकी लॉन्चिंग की गई:

हाल ही में 5 अगस्त को ISRO द्वारा अधिकारिक ट्विटर अकाउंट के माध्यम से जानकारी दी गई थी कि 12 अगस्त को यह उपग्रह सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर लांच किया जाना है.

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