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हड़प्पा शहर धोलावीरा को UNESCO ने घोषित किया वैश्विक विरासत जानें इसके बारे में 10 बातें

About Harappa City Dholavira in hindi, history in 10 points: विश्व धरोहर में शामिल हुआ हड़प्पा शहर धोलावीरा के बारे में जानें 10 बातें, पीएम मोदी ने भी जताई खुशी यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के 44वें सत्र में हड़प्पा काल के महानगर धोलावीरा को भी विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया है.

27 जुलाई का दिन देश के लिए ऐतिहासिक रहा क्योंकि विश्व धरोहर स्थल (WHS) की लिस्ट में हड़प्पा युग के महानगर धोलावीरा को स्थान मिला है, ट्विटर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खुशी जाहिर की है, साथ ही उन्होंने कहा जिसे इतिहास, संस्कृति, पुरातत्व आदि में रूचि है वे यहां की यात्रा अवश्य करें.

यूनेस्को समिति द्वारा फ्रांस से नाइस, ईरान के हवारामन व जापान के जोमों जॉर्डन का एस-साल्ट को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है, UNESCO के वेरीफाईड अकाउंट से जैसे ही इसकी घोषणा हुई, तमाम भारतियों ने खुशी जाहिर की, पीएम मोदी ने उनका ट्वीट शेयर करते हुए देशवासियों को इसकी बधाई दी.

हड़प्पा सभ्यता के पुरातात्विक स्थल के बारे में पढ़ें 10 पॉइंट्स

1- हड़प्पा युग के महानगर धोलावीरा (Harappan City Dholavira) गुजरात के कच्छ जिले के भचाऊ, खादिरबेट में स्थित है. विश्व धरोहर में शामिल होते ही पीएम मोदी ने खुशी व्यक्त की है, कहा ‘मैं छात्र जीवन के दौरान पहली बार धोलावीरा गया और इस जगह पर मंत्रमुग्ध हो गया था, मुख्यमंत्री के तौर पर मुझे विरासत संरक्षण और जीर्णोद्धार संबंधित पहलुओं पर काम करने का मौका मिला, हमने यहां पर्यटन के लिए बुनियादी ढांचे का काम किया था’.

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2- अनुमान है कि यह महानगर 5 हजार साल पहले दुनिया के सबसे व्यस्त महानगरों में आता था जहां 3500 ई. पूर्व लोग बसने शुरू हुए थे और 1800 ई. पूर्व तक लोग बसे रहे. यह ऐतिहासिक स्थल कच्छ के रण में नमक के विशालकाय मैदानों से ढका है जहां प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के बड़े बड़े खंडहर भी शामिल हैं.

3- हजारों साल भी सलामत इस हड़प्पा युग के महानगर (Dholavira) की इमारतें पत्थरों से बनी हैं, हर कदम पर अनूठी कारीगिरी देखने को मिलती है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने इतिहास, संस्कृति में दिलचस्पी रखने वालों को यहां आमंत्रित किया है.

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4- बंदरगाह के शहर लोथल से भी हड़प्पाकालीन का महानगर धोलावीरा (Harappan City Dholavira) पुराना है, ज्यामितीय गणना के आधार पर बना यह शहर वाकई अद्भुत रहा होगा, ऐसा लगता है UNESCO की नजर में एक न एक दिन इसे आना ही था.

5- धोलावीरा के नगर के लोग जल संग्रहण प्रणाली के लिए जाने जाते थे क्योंकि शहर की बनावट ही इस तरह की गई थी, यह उस वक्त आधुनिकता का मिसाल था.

6- यह भारत के 40 विश्व धरोहर स्थलों में शामिल हो चुका है, इससे पहले रामप्पा मंदिर, ताज महल, खजुराहो, अजंता गुफा, एलोरा गुफा, महाबोधि मंदिर, सूर्य मंदिर कोणार्क आदि शामिल हैं.

7- इसको मिलकर गुजरात में अब चार विश्व धरोहर स्थल हो चुके हैं इससे पहले, अहमदाबाद, पावागढ़ निकट चंपानेर, पाटन में रानी की वाव शामिल हैं.

8- संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि 2014 से वैश्विक विरासत सूचि में भारत के 10 जगहें शामिल हो गई हैं जो ऐसे स्थलों का एक चौथाई हिस्सा है, बता दें विश्व धरोहर सूची में धोलावीरा 40वां स्थल है.

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9- आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) द्वारा खुदाई के दौरान धोलावीरा की जमीं से सोने की कलाकृति, तांबे के बर्तन, टेराकोट आभूषण आदि मिली, ASI का कहना है सात सांस्कृतिक चरणों का पता चला जो सिंधु घाटी सभ्यता के विकास और पतन की ओर इशारा करती है.

10- हड़प्पा काल का यह महानगर 1500 सालों तक फला-फूला अर्थात इसकी बनावट, जल संचयन प्रणाली आदि इसका प्रमाण देती हैं.

देश के ऐतिहासिक स्थल को वैश्विक विरासत सूची में शामिल होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी प्रतिक्रिया:

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