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Republic Day Speech 2019: गणतंत्र दिवस पर निबंध और भाषण

गणतंत्र दिवस (Republic Day) एक राष्ट्रीय पर्व है, देशभर में देशप्रेम के गीत बजते हैं, स्कूलों में, दफ्तरों में रंगा रंग कार्यक्रम होते हैं और इन सबके बीच निबंध प्रतियोगिता भी होती है.

प्रतियोगिता हो या न हो, परीक्षाओं में गणतंत्र दिवस पर निबंध लिखने को तो आता ही है. यहाँ कुछ तथ्य आपके निबंध और भाषण को और भी बेहतरीन बना सकते हैं.

गणतंत्र दिवस निबंध- Republic Day Essay 2019

संक्षेप में पहले आपको गणतंत्र दिवस का इतिहास बता देते हैं, 15 अगस्त 1947 में भारत को ब्रिटिश सरकार की गुलामी से मुक्ति मिली इसके 3 साल बाद 26 जनवरी 1950 में देश का सविंधान लागू हुआ.

भारत सरकार द्वारा इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया लेकिन आजादी के बाद सबसे महत्वपूर्ण चीज देश के लिए सविंधान लागू होना माना जाता है, अतः यह दिन देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाने लगा.

इस बड़े ऑकेजन का सबसे भव्य आयोजन देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व अन्य देशों से आये चीफ गेस्ट के सामने नई दिल्ली के राजपथ पर परेड और आर्मी मैन के करतबों से किया जाता है.

भारत एक पूर्ण स्वायत्त गणराज्य घोषित होते ही इस दिन को धूम धाम से मनाये जाना लगा लेकिन यह सफर इतना आसान नहीं था, गुलामी को जड़ से खत्म करने के लिए महात्मा गाँधी, सुभाष चन्द्र बोस, चन्द्र शेखर आजाद, भगत सिंह जैसे स्वतंत्रा सेनानियों ने अपना सब कुछ झोंक दिया था.

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26 जनवरी 1950 से भारत पर किसी बाहरी शक्ति का राज व नियम पूरी तरह खत्म हुए, ऐसे में जश्न मनाना लाजिमी था. अतः 26 जनवरी 2019 को पर्व मना रहे लोग इस राष्ट्रीय पर्व से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को जानें.

26 जनवरी 2019 को देश, 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस खास मौके पर देश के प्रति जान न्योंछावर करने वाले सभी स्वतन्त्रता सेनानियों को याद किया जाता है.

स्कूलों में देशभक्ति के गाने लगाये जाते हैं, छात्र छात्राएं इन गानों पर डांस परफॉर्म करते हैं. जिन्हें गायिकी का शौक होता है वे छात्र देशभक्ति के गानों से दिल जीत लेते हैं.

छात्र छात्राएं साफ सुथरी सफेद ड्रेस पहनते हैं जिस पर ट्राई कलर से बने दुपट्टे, टोपी, टाई, बैच आदि बहुत सुंदर लगते हैं. स्कूलों में बहुत सुंदर कार्यक्रमों के बाद मिठाई बांटी जाती है, खासकर इसमें स्वादिष्ट देशी लड्डू या जलेबी मिलती है.

गणतंत्र दिवस भाषण  – Republic Day Speech 2019

कार्यक्रमों के अलावा सबसे जरुरी बात है भाषण, इससे इस दिन का महत्व तो पता चलता ही है साथ ही महान सेनानियों जैसे महात्मा गाँधी, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, सरदार बल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री, लाला लाजपत राय, सुखदेव आदि के सन्देश से लोग वाकिफ होते हैं.

छात्र जब महान लोगो के संघर्ष, बलिदान और देश के प्रति सम्मान प्यार की बात करते हैं तो सुनने वालों में एक तरह का जोश आ जाता है, साथ ही देश को किस तरह और मजबूत और शक्तिशाली बनाया जाये इस पर विचार किया जाता है.

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अतः भाषण को और दमदार बनाने के लिए ऐसे आर्टिकल जरुर पढ़ें और सोच को वाकई देश की तरक्की के हित में ले जाएँ.

इस तरह दें निडर होकर स्पीच – Republic Day Speech 2019

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, मेरे प्रिय कक्षाध्यापक, मेरे सभी प्यारे गुरुजन, सहपाठी, सीनियर्स व प्यारे जूनियर्स मेरी नमस्ते स्वीकार करें.

आज का दिन हम सभी भारतवासियों के लिए गर्व का दिन है, 70वें गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2019) के इस शुभ अवसर पर यहाँ हम सभी मौजूद लोग सबसे पहले एक संकल्प लें कि हम सब कदम से कदम मिलाकर चलेंगे.

क्योंकि इसी तरह की सोच ने हमें ये दिन नसीब कराया और आज से सात दशक पूर्व हम पूर्ण स्वायत्त गणराज्य बने. हमें अपना जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिला, अतः हमें देश में हो रहे अपराध, चोरी, भ्रष्टाचार, और सभी जनसमस्याओं को मिलकर खत्म करना चाहिए.

हम में से हर व्यक्ति इस बड़े अवसर पर वादा करे कि हम हर दिन देश को बेहतर दिशा में ले चलेंगे, हर एक को शिक्षा के लिए प्रेरित करेंगे, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता, गरीबी, बेरोजगारी पर गहन विचार ही नहीं काम भी करेंगे.

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पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 में मनाया गया था क्योंकि उस दिन से भारत का सविंधान लागू हुआ था, हमें आत्ममंथन करना चाहिए कि इतने सालों की आजादी का उपयोग हमने कैसे किया या हम और हमारी सरकार सही दिशा में चल रही है या नहीं.

एक साकारत्मक नजरिये को रखकर हमें लोकतांत्रिक देश भारत पर हमेशा गर्व होना चाहिए और अतुलनीय प्यार होना चाहिए, ना जाने कितने महान लोगो ने ब्रिटिश शासन से छुटकारा दिलाकर हमें यह अनमोल भेंट दी, ये हमें कभी नहीं भूलना चाहिए.

15 अगस्त 1947 में आजाद होने व 26 जनवरी 1950 में स्वराष्ट्र घोषित होने के बाद देश ने बहुत विकास किया है, खेल, तकनीकी, शिक्षा आदि में देश ने बहुत तरक्की की है लेकिन हमें बढ़ते क्राइम, बेरोजगारी आदि से निरंतर लड़ना होगा.

हमारे पास बोलने की, बदलाव लाने की, अपना नेता चुनने की व हर चीज की आजादी है यही गणतंत्र है या हम जनता की पॉवर है व अधिकार है.

इस तरह के मंचों का, सोशल मीडिया का, स्कूलों व आदि का हमें सदुपयोग करना चाहिए, इनके माध्यम से शिक्षा व देश के लिए तरक्की के विचार सांझा करने चाहिए.

इन्हीं शब्दों के साथ अपने भाषण को विराम देता हूँ, जय हिन्द, जय भारत. वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्.

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