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Maha Shivratri 2020: 59 साल के बाद बना ऐसा संयोग, जानिए पूजा पाठ का शुभ मुहूर्त

Maha Shivratri 2020: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है, भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करने के के लिए व्रत रखा जाता है. इस वर्ष 12 फ़रवरी 2020 के दिन शुक्रवार को महाशिवरात्रि पड़ रही है.

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस वर्ष लगभग 59 साल के बाद ऐसा संजोग बन रहा है, जब शनि अपनी राशि में संचार कर रहा है और शुक्र ग्रह अपनी उच्च राशि मीन मे गोचर करेगा, जिसके चलते विशेष योग बनता है, इस योग मे भगवान शिव की उपासना करना सुखदायी रहेगा, शनि ग्रह अपनी राशि में गोचर के साथ पंचमहापुरुष योग मे से शश योग बनरा है.

इस योग शिव पार्वती के पूजा का विशेष महत्व माना जाता है, सभी मनवांछित फल की प्राप्ति होती है, चतुर्दशी तिथि को अत्यंत शुभ बताया गया है इस तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं इस लिए प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि के तौर पर मनाया जाता है, इस खास महाशिवरात्रि के दिन पर शशः नामक योग भी बन रहा है साथ ही शुभ कार्यों को संपन्न करने वाला सर्वार्थ सिद्धि योग भी इस दिन बन रहा है जो कि साधना सिद्धि के लिए ये योग खास माना जाता है.

महाशिवरात्रि का बहुत अधिक महत्व और ये सबसे बड़े पर्वों में से एक है, इस दिन शिव भक्त शिव मंदिरों में महदेव की आराधना और जलाभिषेक करते हैं,
शिवपुराण के अनुसार महशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मनाया जाता है, प्राचीन कथाओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि महा शिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन की रात का पर्व होता है और इस रात आध्यात्मिक शक्तियां जाग्रत होती हैं.

महाशिवरात्रि का मुहूर्त:

21 फरवरी 2020

दिन – शुक्रवार

चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ – सायं 5 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर अगले दिन शनिवार को शाम 7 बजकर 2 मिनट तक रहेगी, 22 फरवरी को पंचक प्रारम्भ के चलते महाशिवरात्रि पर रात्रि पूजा को ध्यान में रखते हुए 21 फरवरी को यह पर्व मनाया जाएगा.

महाशिवरात्रि पारण का समय – 22 फरवरी शनिवार सुबह 06:54 मिनट से शाम 03:25 मिनट तक.

शास्त्रों के अनुसार ये वो अवसर होता है जब भगवान शिव और देवी शक्ति की दिव्य शक्तियां एक साथ आती हैं, कुछ मान्यताओं के अनुसार शिवरात्रि के दिन ब्रह्माण्ड आध्यात्मिक ऊर्जा को विकसित करता है, प्राचीन कथाओं के अनुसार इस दिन को भगवान शिव और देवी पार्वती के विवाह का दिन माना जाता है, जो विवाहित जोड़ों और अविवाहित लड़कियां इस दिन शिव भक्ति करती हैं तो उन्हें सुयोग्य वर और सुखी वैवाहिक जीवन का वरदान मिलता है.

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