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Abhijeet Bhattacharya: अभिजीत भट्टाचार्य बोले उनके गानों से स्टार बने अक्षय कुमार, पहले अक्की को गरीबों का मिथुन चक्रवर्ती समझते थे

Abhijeet Bhattacharya: दिग्गज प्लेबैक सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य अक्सर फूहड़ वाणी के लिए जाने जाते हैं, किसी के खिलाफ अगर उन्हें बोलना हो तो वह भाषा का ख्याल नहीं रखते हैं. अपनी आवाज की तारीफ करते करते वह कह देते हैं कि उनके गानों ने अक्षय कुमार को स्टार बनाया.

अभिजीत भट्टाचार्य (Abhijeet Bhattacharya) ने दावा किया कि उनकी आवाज स्टार्स के लिए बनी है एक्टर्स के लिए नहीं, अक्षय कुमार को जब उनके गाने मिले तो वह स्टार बन गए जबकि इससे पहले उन्हें लोग गरीबों का मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty) समझते थे.

अक्षय कुमार के साथ ही वह शाहरुख खान और सुनील शेट्टी की भी बातें करते हैं, दोनों की तुलना करते हुए वह कहते हैं शाहरुख की आवाज हीरोइक साउंड करती है जबकि सुनील शेट्टी पर रोमैंटिक गाने सूट नहीं करते हैं, उनके लिए गुस्से व वाइल्ड टाइप के गाने सोचने पड़ते हैं. अक्षय कुमार को जब उन्होंने गरीबों का मिथुन बताया तो साथ ही कहते हैं, जैसे मिथुन को गरीबों का अमिताभ बच्चन कहा जाता था.

वह कहते हैं म्यूजिक बड़ी पॉवरफुल चीज है जो एक्टर्स को स्टार बना देती है, चाहे वो स्वर्गीय सुपरस्टार राजेश खन्ना हों या देव आनंद या राज कपूर, इसी तरह फिल्म खिलाड़ी से पहले अक्षय स्टार नहीं थे, फिल्म के गानों ने अक्षय को स्टार बना दिया था. बता दें खिलाड़ी श्रृंखला की पहली फिल्म खिलाड़ी (1992) में अभिजीत ने लगभग सारे गाने गाए थे.

अब्बास मस्तान की यह फिल्म म्यूजिकल थ्रिलर ही थी जिसमें ‘हम यार हैं यारों के’, ‘क्या खबर थी जाना’, ‘होके मन आज मगन’, ‘वादा रहा सनम’ जैसे गाने थे. मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी (1994) में उन्होंने टाइटल सांग में उदित नारायण और अनु मलिक के साथ आवाज दी थी.

खिलाड़ियों का खिलाड़ी (1996) उन्होंने ‘इतना मुझे पता है’ गाने में कविता कृष्णामूर्ति के साथ आवाज दी थी,सबसे बड़ा खिलाड़ी (1994) में ‘भरो मांग मेरी भरो; ‘तू है आंधी’ को आवाज दी थी. मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी (1997) का हिट सांग ‘जब तक रहेगा सोमोसे में आलू’ भी उन्होंने गाया था, इसी तरह 90s व 2000s के दशक में उन्होंने काफी हिट सांग दिए हैं.

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