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Swami Vivekananda Jayanti 2020: जीवन में सफल होना है तो विवेकानंद जी की जीवनी और ये विचार अवश्य पढ़ें

Swami Vivekananda Jayanti: आज का दिन (12 जनवरी) राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है क्यूंकि आज ही के दिन युवाओं के प्रेणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी का जन्म हुआ था.

जानिए आखिर क्यूँ एक छोटी सी उम्र जीने के बावजूद उन्हें 157 वर्षों बाद भी उतना ही याद किया जाता है, इस छोटी सी जिंदगी के पहलुओं पर नजर दौड़ाएं तो आप भी इन महान विभूति को अपना आदर्श मान लेंगे.

Swami Vivekananda के महान विचारों से पहले आपको संक्षेप में उनका परिचय देदें, विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 में कोलकाता में हुआ था, अतः आज उनकी 156वीं जयंती बनाई जा रही है.

4 जुलाई 1902 को बेलूर में रोजाना अपने अध्यात्मिक जीवन शैली जी रहे विवेकानंद जी ने अचानक अपने आपको एक कमरे में बंद कर दिया और शिष्यों को डिस्टर्ब न करने को कहा, कुछ घंटे बाद पता चला ध्यान करते हुए ही उन्होंने अंतिम साँस ली.

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ब्रेन की रक्त वाहिका का टूटना ही उनका मृत्यु का कारण माना जता है, इस तरह योग और संस्कृत के महाविद्वान विवेकानंद जी मात्र 39 वर्ष के आयु में दुनिया को अलविदा कह गये.

बचपन से ही पढाई में बहुत तेज विवेकानंद जी की याद करने की क्षमता कमाल की थी जिस वजह से उनकी कई विषयों पर मजबूत पकड़ थी. संस्कृत, योग, दर्शन शास्त्र, धर्म, इतिहास, सामाजिक विज्ञान, कला और साहित्य में वे अव्वल थे.

प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी कोलकाता की प्रवेश परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण वह एकमात्र छात्र थे. हर विषय में महारत हासिल करने के लिए वे दिन रात अध्यन में लगे रहते थे.

11 सितंबर 1893 को शिकागो, अमेरिका की विश्व धर्म सम्मेलन सभा में जब विवेकानंद जी ने भाषण दिया तो विदेशों का भारत की तरफ देखने का नजरिया ही बदल गया. इस भाषण ने उन्हें विश्वभर में बहुत पहचान दी.

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Swami Vivekananda Jayanti Quotes: नीचे पढ़िए सवामी विवेकानंद द्वारा कहे गए टॉप 10 कोट्स, ये आपको कुछ भी करने से पहले बूस्ट करने के लिए काफी हैं

1- उठो और जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते.

2- ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है.

3- जिस तरह से विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न धाराएँ अपना जल समुद्र में मिला देती हैं, उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा भगवान तक जाता है.

4- एक नायक की तरह जिएं, हमेशा कहें मुझे कोई डर नहीं, सबको यही कहें कोई डर नहीं रखो.

5- अगर आप पौराणिक देवताओं में यकीन करते हैं और खुद पर यकीन नहीं करते हैं तो आपको मुक्ति नहीं मिल सकती है. अपने में विश्वास रखो और इस विश्वास पर खड़े हो जाओ, शक्तिशाली बनो, इसी की हमें जरूरत है.

6- आप जो भी सोचेंगे,आप वही हो जाएंगे. अगर आप खुद को कमजोर सोचेंगे तो आप कमजोर बन जाएंगे. अगर आप सोचेंगे की आप शक्तिशाली हैं तो आप शाक्तिशाली बन जाएंगे.

7- विश्व एक व्यायामशाला है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं.

8- हम जितना ज्यादा बाहर जायें और दूसरों का भला करें, हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा, और परमात्मा उसमे बसेंगे.

9- दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो.

10- किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये – आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं.

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