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Sushant Suicide: सुशांत सुसाइड केस में 80 हजार से ज्यादा फेक अकाउंट बने, मुंबई पुलिस को बदनाम करने की रची गई साजिश

Sushant Suicide: बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या एक रहस्य बनती जा रही है, देश की बड़ी बड़ी जांच एजेंसीयां भले ही इस केस में कूदी लेकिन उनकी जांच 4 महीने बाद भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है.

मुंबई पुलिस का दावा है कि उन्हें बदनाम करने के लिए सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या (Sushant Singh Rajput Suicide) के बाद से ही 80 हजार से ज्यादा फेक सोशल मीडिया एकाउंट्स इसलिए बनाए गए ताकि उनकी जांच को निशाना बनाया जा सके.

सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी को ट्रोल किया जा रहा है, पार्टी पर इस सुसाइड केस का राजनीतिकरण करने का आरोप लग रहा है. वहीं कुछ लोगों ने बीजेपी को फेक और भड़काऊ पार्टी करार दिया, यूजर्स का कहना है यह पार्टी किसी की भी मौत का तमाशा बना सकती है, किसी की मौत पर पैसा खर्च करके 80 हजार से ज्यादा से फेक अकाउंट बना सकती है, किसी विशेष जाति समुदाय के खिलाफ किस हद तक जा सकती है.

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आपको बता दें सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को मुंबई के बांद्रा स्थित घर में सुसाइड कर ली थी, जिसके बाद फैंस ने हत्या की आशंका भी जताई क्योंकि आत्महत्या का कारण भी साफ नहीं हो पा रहा था जहां तक एक्टिंग करियर का सवाल है, वह उभरते सितारों में से एक थे.

मुंबई पुलिस ने इस मामले में जांच की पहल की तो शिवसेना सरकार और मुंबई पुलिस पर कई सवालिए निशान खड़े किए गए. ऐसे में कहीं न कहीं महाराष्ट्र बीजेपी मुंबई पुलिस व ठाकरे सरकार के खिलाफ बयानबाजी देते हुए नजर आए जबकि शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत पार्टी व पुलिस का बचाव करते हुए नजर आए थे.

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मुंबई पुलिस, साइबर सेल के साथ इस बात की तह तक जाएगी कि आखिर इन फेक अकाउंट के पीछे की स्टोरी क्या है, पुलिस की मानें तो इंडिया ही नहीं इटली, जापान, रोमानिया आदि देशों में सुशांत के लिए जस्टिस की आवाज तो उठी लेकिन मुंबई पुलिस को सबसे खराब पुलिस साबित करने में कोई कमी नहीं छोड़ी गई.

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